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भोपाल में टूटा ऑल टाइम बारिश का रिकार्ड, तीन डिग्री चढ़ा पारा, उमस बढ़ी

एक जून से 16 सितंबर रात 11.30 बजे तक भोपाल में कुल 16870 मिमी से अधिक बारिश हो गई है, जिस यह रिकार्ड टूटा है। यहां वर्ष-2006 के पूरे मानसून में बीते सभी रिकार्ड में सबसे अधिक बारिश हुई थी, जिसका आंकड़ा 1686.4 मिमी है.

भोपाल में टूटा ऑल टाइम बारिश का रिकार्ड, तीन डिग्री चढ़ा पारा, उमस बढ़ीRecord of all-time rain in Bhopal has been broken

भोपाल। राजधानी में भले ही मानसूनी सिस्टम कमजोर हो गया है, लेकिन कन्वेक्टिव एक्टीविटीज से बारिश का सिलसिला अभी रुक-रुककर जारी रहेगा। धूप-छांव के बीच खेल भी चलेगा, जिससे कभी उमस, कभी ठंड का मौसम बना रहेगा। सोमवार सुबह 8.30 से रात 11.30 बजे तक 33 मिमी के करीब बारिश हुई, जिससे भोपाल में सर्वाधिक बारिश का ऑल टाइम रिकार्ड टूट गया है। एक जून से 16 सितंबर रात 11.30 बजे तक भोपाल में कुल 16870 मिमी से अधिक बारिश हो गई है, जिस यह रिकार्ड टूटा है। यहां वर्ष-2006 के पूरे मानसून में बीते सभी रिकार्ड में सबसे अधिक बारिश हुई थी, जिसका आंकड़ा 1686.4 मिमी है, जिसमें सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को 33 मिमी के करीब बारिश और दर्ज हाेने के बाद सर्वाधिक बारिश का आंकड़ा पार हो गया है।

ऐसे टूटा ऑल टाइम बारिश का रिकार्ड:

सोमवार-मंगलवार की सुबह से करीब 15 दिन बाद धूप खिली और दिन का पारा करीब 3 डिग्री बढ़ गया। तापमान में बढ़त के बाद हवा में करीब 84 प्रतिशत नमी के कारण कन्वेक्टिव एक्टीविटीज से शाम करीब 6 बजे से गहरे बादलों का डेरा जमा। तेज गरज-चमक के साथ रात 8.30 बजे तक 16.1 मिमी बारिश हुई। जिसके बाद देर रात फिर से एक और तेज बारिश का दौर चला और करीब एक घंटे में ही 18 मिमी से अधिक बारिश हुई है। दरमियानी रात में 12 बजे के बाद बारिश के एक-दो दौर और चले। मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार अभी हवा में नमी की मात्रा सुबह 96 और शात को 84 प्रतिशत बनी हुई है, जिससे तापमान में मामूली वृद्धि से भी कन्वेक्टिव एक्टीविटीज हो रही है। यही कारण है कि अभी यह सिलसिला जारी रहेगा।

अब आगे क्या होगा:

मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार अभी एक कम दबाव का क्षेत्र मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बना हुआ है। हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा 3.1 किमी तक बना है, वहीं एक मानसून ट्रफ मीन सी लेवल पर गंगानगर, दिल्ली, सीधी, गया, मालदा से नागालैंड तक बनी है। इसके अलावा हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा 3.1 से 4.5 किमी के बीच बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश, दक्षिणी उड़ीसा कोस्ट पर बना हुआ है। इससे अभी प्रदेश में मानसूनी सिस्टम कमजोर हुआ है, लेकिन चार-पांच दिन बाद इससे एक ट्रफ लाइन बनेगी, जो सेंट्रल मप्र से गुजरेगी। इस ट्रफ लाइन का असर भोपाल तक होगा। लेकिन अभी भारी बारिश की उम्मीद नहीं है।

तीन डिग्री चढ़ा पारा, बढ़ी उमस:

सोमवार को बादल छंटने से दोपहर से शाम तक हल्की धूप खिली। इससे तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी रही है। रविवार को दिन का पारा 27 डिग्री के करीब था, जो सोमवार को 30.2 डिग्री रहा, यह सामान्य से एक डिग्री कम है। इसमें रविवार की अपेक्षा 2.6 डिग्री की बढ़त रही है। रात के तापमान में भी करीब 2 डिग्री की बढ़त रही, जिससे न्यूनतम तापमान 24 डिग्री पर रहा। यह सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है। तापमान में वृद्धि से बारिश के बाद उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिल गई है।

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