Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

एमपी की साइबर पुलिस बिहार में फेल, ढाई महीने में भी नहीं पकड़ पाई 50 करोड़ की ठगी के सरगना को

फर्जी वेबसाइट बनाकर प्रसिद्ध कंपनियों के नाम से लोगों को बड़ा धोखा देकर लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला एक अनाम सरगना बिहार में छुपा बैठा है। उसने मध्यप्रदेश के लोगों से तो 70 लाख रुपए की ऑन रिकॉर्ड ठगी की है, सायबर के स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा की मानें तो इस गिरोह ने 50 करोड़ रुपए की ठगी देश भर के लोगों से की है।

एमपी की साइबर पुलिस बिहार में फेल, ढाई महीने में भी नहीं पकड़ पाई 50 करोड़ की ठगी के सरगना को
X
MP's cyber police failed to arrest the kingpin of 50 crore fraud

भोपाल। फर्जी वेबसाइट बनाकर प्रसिद्ध कंपनियों के नाम से लोगों को बड़ा धोखा देकर लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला एक अनाम सरगना बिहार में छुपा बैठा है। उसने मध्यप्रदेश के लोगों से तो 70 लाख रुपए की ऑन रिकॉर्ड ठगी की है, सायबर के स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा की मानें तो इस गिरोह ने 50 करोड़ रुपए की ठगी देश भर के लोगों से की है। खास बात ये है कि एमपी स्टेट साइबर के भोपाल थाना ने इस गिरोह के दो वेब डवलपर 15 जुलाई को गिरफ्तार करना बताए थे। बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इनके बारे में स्वयं स्पेशल डीजी ने बताया कि ये सरगना बिहार का रहने वाला है। इस मामले में एमपी साइबर की टीम बिहार भी गई, लेकिन यह टीम वहां फेल हो गई। यही कारण है कि जुलाई के बाद अगस्त बीत गया, और सितंबर का भी पूरा महीना निकल गया, एमपी की साइबर पुलिस बिहार में दोबारा उस 50 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले सरगना को तलाश करने गई ही नहीं है। जबकि ऐसे में संभव है वह ठग इन ढाई महीनों मेें शांत तो रहा नहीं होगा। उसने न जाने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया होगा।

बिहार में यहां हुई ठग गिरोह की तलाश :

एमपी की भोपाल साइबर पुलिस ने इस ठग गिरोह की तलाश बिहार के पटना में की। साइबर पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने हरिभूमि को बताया था कि पटना के मर्दानीबार, पार्वती चौक, शिवपुरी इलाका समेत राजेंद्र नगर में ठग गिरोह के सरगना की तलाश की गई। इस संबंध में हरिभूमि ने जब-जब साइबर के स्पेशल डीजी शर्मा से सवाल किया तो उन्होंने यही कहा कि ठग की तलाश की जा रही है। उसकी लोकेशन भी मिली, लेकिन उस इलाके में होस्टल्स बहुत हैं, मल्टी बिल्डिंग्स हैं। ऐसे में तलाश में दिक्कत आई।

दोबारा पुलिस टीम गई ही नहीं :

हरिभूमि ने सोमवार को इस मामले में जब भोपाल साइबर एसपी शहवाल से सवाल किया कि क्या अपनी पुलिस दोबारा पटना गई है? इस पर उन्होंने कहा कि नहीं दोबारा तो नहीं गई। उस ठग का नाम क्या है? इस सवाल पर साइबर एसपी ने कहा कि नाम ही सही नहीं पता, नाम फर्जी हो सकता है। कुल मिलाकर एसपी ने उस ठग का नाम नहीं बताया।

स्पेशल डीजी ने कहा- तलाश रहे हैं :

इस मामले में हरिभूमि ने साइबर के स्पेशल डीजी शर्मा से सवाल किया तो सोमवार की रात उन्होंने कहा कि उसे तलाश रहे हैं। डीजी शर्मा समेत साइबर के अन्य अधिकारी भी हर बार यही कहते आ रहे हैं कि तलाश रहे हैं। जबकि अधिकारियों से पिछले ढाई महीनों के दरमियान हरिभूमि ने जितनी भी बार इस बारे में सवाल किया है, उनके पास कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं मिली है।

डीजीपी बता चुके हैं एमपी साइबर को गुरु :

यहां बता दें कि मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने पिछले दिनों भौंरी में आयोजित हुई साइबर की बड़ी सेमीनार में कहा था कि एमपी की साइबर पुलिस अन्य राज्यों की गुरु है। इस सेमीनार में विदेशों से आए विशेषज्ञ भी बैठे थे। जबकि पटना बिहार में एमपी साइबर पुलिस फेल साबित हो गई है। वरना क्या कारण है कि ढाई महीने में भी लोकेशन मिलने के बाद भी साइबर पुलिस उस ठग को नहीं पकड़ पाई है।

पेट्रोल पंप के नाम पर ठगे 70 लाख रुपए :

- बिना नाम के इस ठग ने (एसपी साइबर विकास शहवाल भी नहीं बता सके नाम) पेट्रोल पंप डीलर चयन की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से बड़ी ठगी की थी।

- जनवरी माह (2019) में पहली शिकायत फरियादी संजय मीना ने साइबर में दर्ज कराई।

- ठगों द्वारा एचटीटीपी डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू पेट्रोल पंप डीलर चयन डॉट को, नाम की फर्जी बेवसाइट से प्रदेश के विभिन्न शहरों में ठगी की गई।

- जबलपुर में दो शिकायतें व मुरैना में भी एक शिकायत दर्ज कराई गईं। प्रदेश भर में 70 लाख रुपए की ठगी के मामले प्रकाश में आ गए थे।

- ठगों की तलाश बिहार समेत बैंगलोर कर्नाटक, बेस्ट बंगाल, झारखंड में की जाना थी, लेकिन बिहार में ही साइबर फेल हो गई।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story