Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

केंद्र से नहीं मिला 28 लाख मीट्रिक टन कोयला, अब यूनिटों को चलाने में हो रही समस्या

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) को छह महीने में 28 लाख मीट्रिक टन कोयला नहीं मिल पाया है। लिंकेज के बावजूद मप्र के बिजली उत्पादन यूनिटों को कोयले की आपूर्ति नहीं की गई।

केंद्र से नहीं मिला 28 लाख मीट्रिक टन कोयला, अब यूनिटों को चलाने में हो रही समस्याMP Power Generating Company has not get 28 lakh Metric ton coal from center

भोपाल। मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) को छह महीने में 28 लाख मीट्रिक टन कोयला नहीं मिल पाया है। लिंकेज के बावजूद मप्र के बिजली उत्पादन यूनिटों को कोयले की आपूर्ति नहीं की गई। इस वजह से जेनको की कई यूनिटो को चलाने की समस्या आ खड़ी हुई है। केंद्र ने जितना कोयले की जरूरत होती है, उससे काफी कम मात्रा में कोयला देना शुरू किया है। इससे स्थिति खराब हो सकती है। 

यह जानकारी ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि मप्र पावर जेनरेटिंग कंपनी को प्रतिदिन लगभग 64 हजार मैट्रिक टन कोयले की आवश्यकता होती है, जबकि केंद्र सरकार सिर्फ 48 हजार मैटिक टन कोयले की पूर्ति कर रही है। 6 माह में लगभग 28 लाख मैटिक टन कोयला केंद्र सरकार ने नहीं दिया। उन्होंने कहा है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में बिजली कंपनियां 47 हजार करोड़ के घाटे में पहुंच गई हैं। कांग्रेस सरकार ने बिजली कंपनियों में सुधार के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए है। कांग्रेस सरकार ने अपने शुरूआती कार्यकाल में ही गरीब, पिछडे, अनुसूचित जाति-जनजाति व समाज के सभी वर्गों के लिए इंदिरा गृह ज्योति योजना शुरू की है। अक्टूबर महीने में 93 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिला है। सौ यूनिट सौ रुपए की योजना से उपभोक्ताओं के बिल सौ रुपए तक किए गए है।

Next Story
hari bhoomi
Share it
Top