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गृह मंत्रालय को साल 2018 में मिले जगहों के नाम बदलने के 34 प्रस्ताव, टूटा रिकॉर्ड

देश में वर्ष 2018 के दौरान गांवों,कस्बों,शहरों और रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने के कुल 34 प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिले। पिछले एक दशक में इतने अधिक प्रस्ताव एक साल में कभी भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ है।

गृह मंत्रालय को साल 2018 में मिले जगहों के नाम बदलने के 34 प्रस्ताव, टूटा रिकॉर्ड
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देश में वर्ष 2018 के दौरान गांवों, कस्बों, शहरों और रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने के कुल 34 प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिले। पिछले एक दशक में इतने अधिक प्रस्ताव एक साल में कभी भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ है।

मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने रविवार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने उन्हें 20 दिसंबर को सूचना के अधिकार के तहत भेजे जवाब में यह जानकारी दी।

गौड़ की आरटीआई अर्जी पर मुहैया कराए गए आंकड़ों के मुताबिक नाम परिवर्तन के संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को वर्ष 2008 में दो, 2010 में तीन, 2011 में 11, 2012 में चार, 2013 में 14, 2014 में भी 14, 2015 में 16, 2016 में 17, 2017 में 25 और 2018 में 34 प्रस्ताव मिले। यह जानना दिलचस्प है कि वर्ष 2009 में गृह मंत्रालय को इस तरह का एक भी प्रस्ताव नहीं मिला।

11 साल में मिले कुल 140 प्रस्ताव
इस तरह पिछले 11 वर्षों में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को स्थानों के नाम में परिवर्तन के कुल 140 प्रस्ताव मिले। अलग-अलग एजेंसियों के साथ उचित विचार-विमर्श के बाद इनमें से 127 प्रस्तावों को स्वीकृत करते हुए अनापत्ति प्रमाण जारी किया गया, जबकि 13 अन्य प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 13 विचाराधीन प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को वर्ष 2018 में ही मिले हैं। वैसे इस वर्ष मंत्रालय ने देश भर के स्थानों के नाम परिवर्तन के 21 प्रस्तावों को हरी झंडी दिखायी।
राजस्थान रहा अव्वल
वर्ष 2018 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्थानों के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव भेजने में राजस्थान अव्वल रहा। राजस्थान की ओर से ऐसे सर्वाधिक सात प्रस्ताव भेजे गए।
इसके बाद हरियाणा से छह, मध्यप्रदेश एवं नागालैंड से चार-चार, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से तीन-तीन और केरल से ऐसे दो प्रस्ताव भेजे गए। कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, दिल्ली और बिहार से ऐसा एक-एक प्रस्ताव भेजा गया।
मंजूरी मिलने पर जारी होता है एनओसी
आरटीआई के तहत बताया गया कि स्थानों के नाम में बदलाव के लिए संबंधित प्रदेश सरकार से प्रस्ताव मिलने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की मदद से विचार-विमर्श करता है। नाम परिवर्तन को मंजूरी दिए जाने की स्थिति में प्रदेश सरकार को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

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