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सिर की हड्डी पेट में लेकर 11 महीने से ऑपरेशन के लिए हमीदिया के चक्कर काट रही महिला, डॉ. बोले...सर्जरी का सामान नहीं

सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी दुरूस्त हैं इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि गंभीर मरीजों की सर्जरी के लिए पर्याप्त दवाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने की वजह से मरीजों को महीनों परेशान होना पड़ रहा है।

सिर की हड्डी पेट में लेकर 11 महीने से ऑपरेशन के लिए हमीदिया के चक्कर काट रही महिला, डॉ. बोले...सर्जरी का सामान नहीं
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भोपाल। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी दुरूस्त हैं इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि गंभीर मरीजों की सर्जरी के लिए पर्याप्त दवाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने की वजह से मरीजों को महीनों परेशान होना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पिछले छ: महीने से न्यूरोसर्जरी विभाग में सर्जरी के लिए जरूरी सामान न होने की वजह से एक गंभीर बीमार गीता बाई को दर्दनाक जीवन गुजारना पड़ रहा है।

विदिशा जिले के नटेरन निवासी गीता बाई सेन पिछले साल अगस्त में बाइक से गिर गई थी। इस दुर्घटना में उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। नटेरन और विदिशा के अस्पताल से उन्हें हमीदिया रेफर कर दिया। माया बाई के सिर में खून जमा होने के कारण डॉक्टरों ने उनके दिमाग की हड्डी को सुरक्षित रखने के लिए पेट की स्किन के नीचे रख दिया।

इस आपरेशन के बाद उन्होंने बोलना बंद कर दिया और उनका एक धडा सुन्न हो गया। अब न वे बोल पा रहीं हैं और न ही भोजन कर पा रहीं हैं। यदि एक-दो रोटी खातीं भी हैं तो तेज दर्द से दिन रात चिल्लातीं रहती हैं। मायाबाई की बीमारी के कारण उनके बेटा और बेटी सहित उनके पति पिछले 11 महीने से हमीदिया के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अस्पताल में सर्जरी का सामान न होने से उनका इलाज नहीं हो पा रहा है।

6 महा पहले ही दी प्रबंधन को उपकरणों की लिस्ट

हमीदिया अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में आयुष्मान योजना शुरू होने के बाद से सर्जरी का सामान नहीं है। डॉक्टरों के मुताबिक जरूरी सामान की लिस्ट प्रबंधन को 6 महीने पहले दे दी गई थी। लेकिन सामान अब तक उपलब्ध नहीं हो पाया है।

सीएमओ ने ड्यूटी रूम से अगले दिन का कहकर लौटाया

गीता बाई के पति दौलतराम सेन मंगलवार को जब हमीदिया अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने फिर कहा कि सामान नहीं है इसलिए अभी आपरेशन नहीं हो पाएगा। परेशान दौलतराम पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास मदद मांगने पहुंचे। शिवराज ने जीएमसी की डीन डॉ. अरूणा कुमार को फोन कर महिला को भर्ती कर जल्दी इलाज शुरू करने को कहा।

हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक श्रीवास्तव को पत्र लिखकर भर्ती करने दौलतराम को वापस अस्पताल भेजा, लेकिन हमीदिया में एक घंटे भटकने के बाद सीएमओ ड्यूटी रूम में मौजूद डॉक्टर ने उसे अगले दिन आने की कहकर वापस लौटा दिया। आखिरकार गीताबाई को परिजन गोदी में उठाये वापस घर लौट गए।

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