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किसान आंदोलन की दूसरी बरसी पर जमा होंगे देशभर के 208 किसान संगठनों के प्रमुख

किसान आंदोलन की दूसरी बरसी पर ग्राम टकरावद में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर के 208 किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

किसान आंदोलन की दूसरी बरसी पर जमा होंगे देशभर के 208 किसान संगठनों के प्रमुख
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मंदसौर। किसान आंदोलन की दूसरी बरसी पर ग्राम टकरावद में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर के 208 किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्यवय समिति वर्किंग कमिटी सदस्य और मुलताई के पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने कहा कि कमलनाथ सरकार किसानों की देन है और कमलनाथ सरकार द्वारा यह स्पष्ट ही नहीं किया जा रहा है कि कब तक किसानों के ऊपर चल रहे मुक़दमे वापस लिए जाएंगे।

सरकार बने इतने दिन हो गए लेकिन आज मुकदमे वापस लेने की प्रोसेस भी शुरू नहीं हुई है। नियमानुसार सरकार के कानून मंत्रालय के निर्देश पर मंदसौर जिला अभियोजन अधिकारी के समक्ष यह आवेदन लगाना होगा कि लोकहित में प्रकरण वापस लिया जाना आवश्यक है। जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा निर्णय किया जाएगा। लेकिन ऐसा कोई भी आवेदन मंदसौर जिला न्यायालय में शासन द्वारा नहीं किया गया है। ना ही 6 किसानों की हत्या के दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई हैं।

डॉ सुनीलम ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से अपील करते हुए कहा है कि मंदसौर पुलिस गोलीचालन से उपजे आक्रोश ओर असंतोष के परिणामस्वरूप कोंग्रेस की सरकार बनी है। ऐसी स्थिति में मुख़्यमंत्री को स्वयं आकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए। साथ ही डॉ. सुनीलम ने कहा कि अमित शाह के रहमो करम पर चल रही है प्रदेश सरकार। अमित शाह कभी भी कमलनाथ सरकार की आक्सीजन नली खिंच सकते है, इसी से परेशान कमलनाथ सरकार तबादलों की ओट में अपना डर छिपा रही है।


मंदसौर किसान आंदोलन के बाद पहली बरसी पर राहुल गांधी ने स्वयं आकर घोषणा की थी कि किसानों का कर्ज माफ होगा और किसानों पर गोली चलाने वालों पर कार्यवाही होगी, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश की शिवराज सरकार चली गई और कांग्रेस की सरकार बनी।

लेकिन सत्ता में आने के बाद किसान परिवारों की किसी ने सुध नहीं ली। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के केंद्र के शीर्ष नेताओं से लेकर प्रदेश के नेताओं ने किसान आंदोलन के मृतक किसानों के न्याय दिलाने के मुद्दे को बखूबी तरीके से भुनाया, पर अब प्रदेश में सत्ता आने के बाद कमलनाथ सरकार पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।

जिस तरीके से प्रदेश में सरकार माहौल चल रहा है उस नजरिये से देखा जाए तो सरकार कभी भी गिर सकती है, सरकार गिरने से पहले कम से कम किसानों को उनके जायज़ हक दे देना चाहिए।

इन्ही मांगों को लेकर देशभर के किसान संगठनों का समूह जो कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्यवय समिति के नाम से जाना जाता है, इसके बैनर तले कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुला कर ज्ञापन देंगे साथ ही वही चौपाटी जहां पुलिस गोलीचालन में किसानों की मौत हुई थी। वहां शहीद स्मारक बनाने की मांग की जा रही है, साथ ही किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी और किसानों को पेंशन दिए जाने की मांग तुल पकड़ती नजर आ रही है। सूबे की सरकार क्या सियासत करती है ये देखने वाली बात होगी।

श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह, पूर्व सांसद राजू शेट्टी स्वाभिमानी शेतकारी संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजाराम सिंह पूर्व विधायक और अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री, प्रेमसिंह गेहलावद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय किसान महासभा, अविक साह जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक, प्रतिभा शिंदे लोक संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष(महाराष्ट्र-गुजरात), जसविंदर सिंह अखिल भारतीय किसान महासभा प्रदेश अध्यक्ष, सुशीला ताई मुराड़े शेतकारी संगठन अध्यक्षा महाराष्ट्र, सहित कुल 70 विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी दिल्ली एक साथ टकरावद श्रद्धांजलि देने पहुचेंगे।

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