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मैंने तो पहले ही कहा था कब पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी पता भी नहीं चलेगा : शिवराज सिंह Watch Video

हमारा नारा हे सबका साथ सबका विकास। हमें कमलनाथ सरकार गिराने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम चाहते तो कांग्रेस सरकार बनने ही नहीं देते। मैंने तो पहले ही कहा था अगर ऐसे ही वातानुकूलित कमरे में बैठे रहे तो कब पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी पता भी नहीं चलेगा।

मैंने तो पहले ही कहा था कब पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी पता भी नहीं चलेगा : शिवराज सिंह  Watch Video

भोपाल। हमारा नारा हे सबका साथ सबका विकास। हमें कमलनाथ सरकार गिराने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम चाहते तो कांग्रेस सरकार बनने ही नहीं देते। मैंने तो पहले ही कहा था अगर ऐसे ही वातानुकूलित कमरे में बैठे रहे तो कब पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी पता भी नहीं चलेगा। परिणाम बता रहे हैं कि छिंदवाड़ा में थोड़ी मेहनत और हो जाती तो 29 की 29 सीट जीत जाते। ऐसी विजय, विजय नहीं कहलाती इसका अर्थ है जो किया आपने किया।

उक्त बातें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोकसभा चुनाव में हुई जीत के बाद पत्रकारों से रूबरू कार्यक्रम कहीं। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में हुई करारी जीत पर चर्चा करने के साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधने से नहीं चुके।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, ये चुनाव अभुत्वपूर्व रहा, चुनाव में लोग कह रहे थे मोदी लहर नहीं है। मगर प्रचार के दौरान मैंने मोदी लहर देखी। कांग्रेस इस बार भी औपचारिक रूप से नेता विपक्ष नहीं बना पाएगी।

इस चुनाव में जातिवाद खत्म हो गया है। ये मोदीवाद की जीत है, जिसमें सबका साथ सबका विकास है। कांग्रेसी मुद्दों की जगह मोदी जी को टारगेट करते रहे। कांग्रेस को सोचना चाहिए वंशवाद कब तक चलेगा।


राष्टवाद ओर मोदी एक हो गए हैं। जनता को लगा कि वो मोदी के हाथों में सुरक्षित है इसलिए मोदी के पीछे पूरा देश खड़ा है। शिवराज ने कहा अमित शाह भारत की आधुनिक राजनीति के चाणक्य हैं।भले एग्रेसिव अल्पसंख्यक भइयों ने वोट नहीं किया फिर भी हमारा नारा है सबका साथ सबका विकास हमें कमलनाथ सरकार गिराने कोई दिलचस्पी नहीं है। हम चाहते तो कांग्रेस सरकार बनने ही नहीं देते।

समाधि लेने वाले बाबा और कम्प्यूटर बाबा पर शिवराज ने कहा, ऐसे बाबाओं को राजनीति से दूर रहना चाहिये। मैंने तो पहले ही कहा था अगर ऐसे ही वातानुकूलित कमरे में बैठे रहे तो कब पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी पता भी नहीं चलेगा।

ऐसी विजय, विजय नहीं कहलाती इसका अर्थ है जो किया आपने किया। न किसान संतुष्ट था न उर्जावान संतुष्ट था। कमलनाथ जी आपने संवेदनशील योजना बंद कर दी, किसानों को जो लाभ मिलते थे बंद कर दिए, बच्चों की फीस बंद कर दी और माता बहनों की योजनाएं बंद कर दी। इसलिए जनता गस्सा में थी।

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