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डबल ''26 स्पेशल'' की तरह IT की रेड, कांग्रेस के कमल को भी नहीं लगी भनक, दिल्ली स्थित बड़ी पार्टी के मुख्यालय पहुंचे 20 करोड़

आयकर विभाग की अन्वेषण विंग, नई दिल्ली ने मप्र में एक बड़े हवाला रैकेट का भंड़ाफोड़ किया है। इसमें बड़े और नामी कारोबारी, राजनेता और कई रिटायर और मौजूदा नौकरशाह भी शामिल हैं। इनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। आयकर ने फिलहाल 281 करोड़ के हवाला रैकेट का ही खुलासा किया है। इसमें से 20 करोड़ रुपए एक राजनीतिक पार्टी के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजे गए।

डबल 26 स्पेशल की तरह IT की रेड, कांग्रेस के कमल को भी नहीं लगी भनक, दिल्ली स्थित बड़ी पार्टी के मुख्यालय पहुंचे 20 करोड़
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आयकर विभाग की अन्वेषण विंग, नई दिल्ली ने मप्र में एक बड़े हवाला रैकेट का भंड़ाफोड़ किया है। इसमें बड़े और नामी कारोबारी, राजनेता और कई रिटायर और मौजूदा नौकरशाह भी शामिल हैं। इनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। आयकर ने फिलहाल 281 करोड़ के हवाला रैकेट का ही खुलासा किया है। इसमें से 20 करोड़ रुपए एक राजनीतिक पार्टी के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजे गए। ये पैसे नई दिल्ली स्थित तुगलक रोड निवासी एक रहवासी और वरिष्ठ राजनेता के जरिए भेजे गए। सेंट्रल बोर्ड आॅफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के प्रवक्ता और आयकर आयुक्त वाईडी शर्मा ने सोमवार रात 9 बजकर 33 मिनट पर बाकायदा मीडिया को एक पत्र जारी कर इसका खुलासा किया। पत्र में राजनीतिक पार्टी के रूप में कांग्रेस का नाम नहीं लिया गया है। पर, उसकी तरफ सीधे इशारे किए गए हैं। पत्र में कहा गया कि ये हवाला रैकेट मप्र में बहुत व्यापक और बहुत संगठित तरीके से आॅपरेट किया जा रहा था।

3 बजे 300 आयकर अफसरों की 52 टीम का छापा

बता दें कि रविवार को तड़के 3 बजे 300 आयकर अफसरों की 52 टीमों ने भोपाल, इंदौर, एनसीआर और गोवा में एक साथ छापे मारे। प्रवीण कक्कड़ के आवास और फर्मों के दफ्तरों पर कार्रवाई अभी जारी है। उसकी गिरफ्तारी की संभावना फिलहाल नहीं है। यह कार्रवाई अभी एकाद दिन और चलने की संभावना है। आयकर के इन छापों में सीआरपीएफ सुरक्षा कवर दिए हुए है। आयकर ने इसकी पूरी जानकारी चुनाव आयोग को दे दी है। इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन भी माना गया है। जल्दी ही आयोग इस पर नोटिस जारी कर सकता है।

भोपाल में 14 करोड़ 60 लाख कैश मिला, शेर की खालें भी मिलीं

अश्विनी शर्मा, प्रतीक जोशी, प्रवीण कक्कड़ के ठिकानों से 14 करोड़ 60 लाख कैश मिला। इतनी तादात में मिले नोटों की गिनती रविवार रात से 7 मशीनों से की गई और सुबह तक चलती रही। इसके अलावा महंगी और विदेशी शराब की 252 बोतलें, कुछ हथियार और टाइगर की खालें भी मिली हैं। माना जा रहा है कि इस रैकेट का किन्हीं शिकारी समूहों और खाल तस्करों से भी कनेक्शन है। यही नहीं, कई लैंड रोवर और विंटेज कारें भी मिली हैं। कक्कड़ के निवास से भारी तादात में ज्वेलरी मिली है। कक्कड़ को आयकर टीम ने पूछताछ के चलते रात भर सोने नहीं दिया।

472 करोड़ इधर से उधर किए गए, कोई हिसाब-किताब नहीं

सीएम कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के नई दिल्ली और नोएड़ा पर पड़े छापे में भी सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं। इन ठिकानों से ऐसा कैश बुक रिकॉर्ड मिला है, जो बताता है कि 230 करोड़ का बेनामी ट्रांजैक्शन हुआ। यानी, 230 करोड़ इधर से उधर भेजे गए। इसके अलावा बोगस बिलों के जरिए बेईमानीपूर्वक लगभग 80 कंपनियों से 242 करोड़ रुपए निकाले गए। इनको कहां खपाया गया, आयकर इसकी जांच कर रहा है। आयकर को दिल्ली के कई पॉश इलाकों में पुरी की कई बेनामी प्रॉपर्टी भी मिली हैं।

डायरियां, कंप्यूटर फाइलें और एक्सेल शीट खोलेंगी और कई राज

आयकर को हाथ से लिखी गई डायरियों, कंप्यूटर फाइलों और एक्सेल शीटों में पैसा जुटाने व उसे बांटने के रिकॉर्ड मिले हैं। इन डायरियों में कई राजनेताओं, बड़े कारोबारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के नाम हैं। इनके नामों का जिक्र एक्सेल शीट में भी है। ज्यादातर नौकरशाह मप्र से ही ताल्लुक रखते हैं। आयकर को अश्विनी के कई आईएएस और आईपीएस से वित्तीय रिश्ते की जानकारी मिली है। इनमें 3-4 तो रिटायर्ड अफसर हैं। इस जानकारी का खुलासा होते ही नौकरशाही में हड़कंप है। अश्विनी उनके लिए धन शोधन (मनी लांड्रिंग) का काम करता था। उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।

बरामद राशि रिजर्व बैंक में जमा कराई गई

बरामद राशि रिजर्व बैंक में सोमवार को जमा करा दी गई है। इसके लिए आयकर ने कैश वैन को बुलाया। इनमें बड़े-बड़े बक्सों में पैसा भरा गया।

खास बातें

  • अश्विनी शर्मा कई आईएएस-आईपीएस के लिए मनी लांड्रिंग का करता था काम, उसका पासपोर्ट जब्त
  • प्रवीण कक्कड़ के आवास और फर्मों के दफ्तरों पर भी कार्रवाई लगातार जारी, उसे रात भर सोने नहीं दिया
  • छापे के दूसरे दिन आयकर विभाग ने बताई लिखित सच्चाई...

यहां पड़े छापे..

सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार आरके मिगलानी और कक्कड के कारोबारी साथी अश्विनी शर्मा और प्रतीक जोशी के ठिकानों पर छापे पड़े

कक्कड़ के यहां छापे की कार्रवाई जारी, बड़ी तादाद में ज्वेलरी मिली

कक्कड़ के इंदौर व भोपाल दोनों आवासों पर छापे की कार्रवाई जारी है। कक्कड़ व उनके बेटे की कई कंपनियां संचालित होने की पुख्ता जानकारी मिली है। इनके यहां से काफी मात्रा में सोने, चांदी व हीरे आदि की ज्वेलरी मिली है। वैल्यूवर से आकंलन कराने के बाद उसे सीज कर दिया गया है। लॉकरों को खोलने की प्रक्रिया बाद में की जाएगी। कक्कड़ के यहां भी बेनामी प्रापर्टी के काफी दस्तावेज मिले हैं। हालांकि, उनके सीए का दावा है कि बरामद संपत्ति के सारे दस्तावेज आयकर को दे दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा...छापे का मुझे देर से बताया गया, रिपोर्ट आएगी तो दिल्ली भेजूंगा

इधर, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल कांताराव ने कहा कि इस रेड के बारे में मुझे रविवार सुबह आठ बजे स्थानीय इनकम टैक्स के नोडल अधिकारी ने बताया कि ऐसा दिल्ली की टीम के द्वारा सीधा ये आॅपरेशन किया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि आठ बजे तो काफी लेट हो गया क्योंकि रेड तो इंदोर भोपाल में सुबह चार बजे से चल रही थी, उन्होंने कहा कि जो मुझे जानकारी मिली वो मैने बता दी। मै इस बारे में रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं, कि इनकम टैक्स डिपोर्टमेंट जो रिपोर्ट भेजेगा मैं उसे चुनाव आयोग को फारवर्ड करूंगा। कांताराव ने कहा कि निर्वाचन व्यय नियंत्रण के तहत जो एजेंसियां निगरानी रखती हैं जैसे एक्साइज डिपार्टमेंट या इनकम टैक्स, इनके साथ मिलकर हम काम करते हैं और समय-समय पर उनसे कोआॅर्डिनेशन का मीटिंग करते हैं, डेली रिपोर्ट भी वो देते हैं। चूंकि ये कार्रवाई दूसरी यूनिट से की गई है। स्थानीय यूनिट के पास कोई जानकारी नहीं है। जैसे ही वो जानकारी देगे मैं रिपोर्ट आगे भेजूंगा।

दिग्विजय सिंह का आरोप...

संवैधानिक संस्थाएं मोदी के लिए अनुषंगिक संगठनों जैसा काम कर रही हैं

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा की केंद्र में उल्टी गिनती से बौखलाई मोदी सरकार विपक्षी दलों की सरकारों को बदनाम करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय तथा आयकर जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग कर रही है। संघीय ढांचे में राज्य को प्रदत्त अधिकारों का भी अतिक्रमण कर केवल राजनैतिक वैमनस्य और द्वेष की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ येदुयरप्पा की डायरी में लिखे हिसाब-किताब को दबाया जा रहा है। भाजपा नेता की गाड़ी से मिले करोड़ों रुपए को अनदेखा किया जा रहा है। दूसरी तरफ तेलुगु देशम, तृणमूल कांग्रेस, कुमारस्वामी सरकार के मंत्रियों सहित विपक्षी नेताओं के आसपास के लोगों पर छापे डलवाकर अन्य दलों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। दरअसल, ये संवैधानिक संस्थाएं भाजपा के लिए अनुषंगिक संगठनों की तरह काम कर रही हैं।

कांग्रेस ने उठाया सवाल...विजयवर्गीय को 281 करोड़ का आंकड़ा कैसे पता चला?

कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने 8 अप्रैल की सुबह 10.30 बजे ट्वीट कर 281 करोड़ का आंकड़ा जारी किया। आईटी विभाग ने इसी दिन रात 9.33 बजे यही आंकड़ा जारी किया। आखिर, आईटी विभाग से पहले विजयवर्गीय को ये आंकड़ा कैसे पता चल गया? साफ है कि ये छापे मोदी सरकार के इशारे पर डाले गए। यह चुनाव में कांग्रेस की छवि बिगाड़ने की साजिश है।

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