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कांग्रेस ने तीन बार के हारे प्रत्याशी को बनाया अपना उम्मीदवार, भिंड से टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य देवाशीष को उतारा मैदान में

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 28 पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है।

कांग्रेस ने तीन बार के हारे प्रत्याशी को बनाया अपना उम्मीदवार, भिंड से टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य देवाशीष को उतारा मैदान में
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ग्वालियर। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 28 पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस ने प्रदेश की तीन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किये। जिनमें ग्वालियर, भिंड और धार लोकसभा सीट शामिल हैं।

खास बात ये है कि इन तीन नामों में से दो नाम ऐसे प्रत्याशियों के हैं, जो ग्वालियर में महज एक किलोमीटर के दायरे में निवासरत है और इनमें भी एक प्रत्याशी महज 28 साल की उम्र का है।

शनिवार शाम कांग्रेस ने 18 प्रत्याशियों के नामों की एक और सूची जारी की। इसमें हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के क्रमशः 6,3 और 9 प्रत्याशियों को कांग्रेस ने अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाये जाने की घोषणा की।

इनमें ग्वालियर से अशोक सिंह, भिंड से देवाशीष जरारिया और धार संसदीय क्षेत्र से दिनेश गिरवाल पर भरोसा जताया गया। नामों के ऐलान के साथ ही प्रत्याशियों के घर समर्थकों के पहुचने का सिलसिला शुरू हो गया और जबरदस्त ढंग से टिकिट मिलने का जश्न मनाया जाने लगा।

ग्वालियर में ठाठीपुर स्थित गांधी रोड पर रहने वाले कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह के घर पर ऐसा ही नजारा था। लगातार तीन हार यानी एक बार 2007 के लोकसभा उपचुनाव में तो दो बार 2009 और 2014 के आम चुनाव में लगातार हार का स्वाद चख चुके अशोक सिंह कांग्रेस ने फिर से दांव खेला।

हालांकि अशोक के टिकिट का ग्वालियर अंचल में कांग्रेस के सर्वेसर्वा कहे जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी स्तर पर विरोध भी किया पर नाकाफी साबित हुआ। वहीं कांग्रेस ने पिछले 8 लोकसभा चुनावों में भिंड में मिल रही करारी हार के बाद इस बार युवा चेहरे देवाशीष जरारारिया को मैदान में उतारा है।

देवाशीष हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए हैं। मात्र 28 साल के देवाशीष ग्वालियर में मेला ग्राउंड के समीप स्थित हर्ष विहार कॉलोनी में रहते हैं। इन्होंने स्कूली शिक्षा ग्वालियर में ठाठीपुर स्थित रामकृष्ण आश्रम स्कूल से जबकि उच्च शिक्षा दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूरी की है।

देवाशीष दलित नेता माने जाते है और इनके लिए कहा जाता है कि इनके टुकड़े-टुकड़े गैंग यानी कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी से करीबी सबंध हैं। लिहाजा लोकसभा चुनाव में देवाशीष की भिंड से दावेदारी के बाद उनका सोशल मीडिया के साथ पार्टी की जिला इकाई में विरोध गर्माने लगा था।

टिकिट मिलने के देवाशीष ने ये तो स्वीकारा है उनके सबंध कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी से हैं। लेकिन किसी दलित आंदोलन से जुड़े होने की बात को सिरे से नकारा है।गौरतलब है कि देवाशीष के पिता शासकीय पीजी कॉलेज मुरार ग्वालियर में प्रोफेसर हैं व कर्मचारियों के संगठन अजाक्स के प्रदेश महासचिव हैं।

बहरहाल तमाम विरोध के बीच कांग्रेस ने ग्वालियर से अशोक सिंह और भिंड से युवा देवाशीष जरारिया को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। ग्वालियर में अशोक सिंह का मुख्य मुकाबला महापौर एवं बीजेपी के प्रत्याशी विवेक नारायण शेजवलकर से माना जा रहा है तो भिंड में देवाशीष के सामने बीजेपी प्रत्याशी श्रीमती संध्या राय की चुनौती होगी।

खास बात ये है कि जहां टिकिट पाने के लिए नेता हर हथकंडा अपनाने को तैयार हैं वहीं कांग्रेस ने ग्वालियर में महज एक-डेढ़ किलोमीटर के दायरे में रहने वाले दो नेताओ पर भारी विरोध के बाबजूद भरोसा जताया है। कांग्रेस का यह निर्णय आत्मघाती रहा या अनुभव से भरा। ये तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही तय हो सकेगा।

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