Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

मध्यप्रदेश चुनाव 2018/ उम्र सौ के पार फिर भी मतदान के लिए गजब का उत्साह

लोकतंत्र को मजबूत करने में हर एक मतदाता का अहम रोल होता है। वह अपने मतों की आहुति देकर न केवल लोकतंत्र को मजबूत करता है, बल्कि देश को नई दिशा देने में भी अपना रोल अदा करता है। प्रदेश में ऐसे ही हजारों की संख्या में शतायु यानी 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मतदाता भी हैं, जो बुधवार को मतदान करके लोक व तंत्र दोनों को पुष्ट करेंगे।

मध्यप्रदेश चुनाव 2018/ उम्र सौ के पार फिर भी मतदान के लिए गजब का उत्साह
X
लोकतंत्र को मजबूत करने में हर एक मतदाता का अहम रोल होता है। वह अपने मतों की आहुति देकर न केवल लोकतंत्र को मजबूत करता है, बल्कि देश को नई दिशा देने में भी अपना रोल अदा करता है। प्रदेश में ऐसे ही हजारों की संख्या में शतायु यानी 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मतदाता भी हैं, जो बुधवार को मतदान करके लोक व तंत्र दोनों को पुष्ट करेंगे।
हरिभूमि ने ऐसे दर्जनों मतदाताओं से बातचीत की। इसमें कई मतदाता ऐसे हैं, जो लंबी आयु हो जाने की वजह से सुन पाने में असमर्थ हैं, किंतु उनमें हौसला आज भी जवानी के दिनों जैसी ही है। ऐसे मतदाताओं से उनके परिजनों ने सवाल-जवाब की तरह बातचीत कराई। ऐसे शतायु मतदाताओं से बातचीत का अंश।
धापू बाई - शाजापुर जिले की निछमा गांव की मतदाता धापू बाई पहली बार जब वोट देने गई थी, तो उस समय उनकी उम्र कोई 20-25 साल की रही होगी। किंतु उन्हें यह नहीं पता कि सचमुच में उनकी उम्र कितनी थी। वे निछमा मतदान केंद्र 128 की मतदाता हैं। उन्हें कम सुनाई पड़ता है, पर हौसला नवजवानी के दिनों जैसी ही है।
वे कहतीं हैं कि बुधवार को मतदान देने जरूर जाएंगी। पहली बार जब मतदान देने गईं थी तो कुछ और बात थी। काफी दूर सफर करने के बाद मतदान की बारी आई थी। अब तो दूर नहीं जा सकती। पर परिजनों से पहले ही कह चुकी हूं कि वोट देने जाना है, उन्हें ले चलो।
समग्र संयोजक नरेंद्र तिवारी कहते हैं कि शतायु मतदाताओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। सभी को पास जारी किए गए हैं। मतदान में कोई दिक्कतें नहीं आएगी।
बिरदी चंद गोठी- बैतूल विधानसभा क्षेत्र के मतदाता बिरदी चंद गोठी की उम्र भी 100 वर्ष से उपर की है। पर अभी भी वे अपने आप को जवान ही महसूस करते हैं। बुधवार को जब वोट पड़ेगा तो वे भी अपना कीमती वोट जरूर देंगे।
वे कहते हैं कि जब पहले वोट डालने जाते थे तो प्रेम की बातें होती थीं। गांधी जी के समय से ही वोट देते आ रहे हैं। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी हैं। कहते हैं कि पहला वोट पहली बार की लोकसभा के लिए 1952 में दिया था। तब से लेकर आज तक लोकतंत्र के लिए अपने मतदान की आहुति देते आ रहा हूं। हालांकि अब जमाना बदल गया है। पहले जैसा कुछ भी नहीं रहा।

केशर बाई- शाजापुर की केशर बाई की उम्र अब 102 वर्ष से अधिक है। वे कहती हैं कि जब पहली बार वोट देने गई थीं तो संकोच था। उस वक्त समझ की कमी थी। हालांकि मन में उत्साह काफी था। अभी वे भी काफी कम सुनती हैं। परिजनों ने जब बात कराई और बताया कि भोपाल से कोई बात करना चाहता है तो खुशी-खुशी बात करने लगी।
वे कहतीं हैं कि बेटा अब जमाना बदल गया है। पहले वोट के लिए कोई लालच नहीं देता था। अपने मन में उत्साह होता था कि अपना नेता चुनने जा रही हैं। पर अब तो यह कहने वाले मिल जाते हैं कि वोट दे दो, सब कुछ सुविधा दे देंगे। पर वोट लेने के बाद नेता कभी नहीं आता। अब उम्र के ऐसे पड़ाव पर हैं कि चला-फिरा भी नहीं जाता, पर वोट देने जरूर जाउंगी। उनसे बातचीत में लगा कि आज भी उनमें वोट के प्रति जितना उत्साह है, उतना आज के युवाओं में भी नहीं है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story