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MP Assembly Election: तीन मंत्री, दो पूर्व मंत्री व तीन विधायकों ने नामांकन में दिए अलग-अलग पैन नंबर

आयकर विभाग प्रत्येक आयकर दाता को एक परमानेंट अकाउंट (पैन) नंबर अलाट करता है। एक के अतिरिक्त दूसरा पैन नंबर उपयोग करना, पैन कार्ड बनवाना आईटी एक्ट में प्रतिबंधित है। किंतु मप्र के तीन मंत्री, दो पूर्व मंत्री व कुछ विधायक एक से अधिक पैन कार्ड बनवा कर उसका नंबर उपयोग कर रहे हैं।

MP Assembly Election: तीन मंत्री, दो पूर्व मंत्री व तीन विधायकों ने नामांकन में दिए अलग-अलग पैन नंबर
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आयकर विभाग प्रत्येक आयकर दाता को एक परमानेंट अकाउंट (पैन) नंबर अलाट करता है। एक के अतिरिक्त दूसरा पैन नंबर उपयोग करना, पैन कार्ड बनवाना आईटी एक्ट में प्रतिबंधित है। किंतु मप्र के तीन मंत्री, दो पूर्व मंत्री व कुछ विधायक एक से अधिक पैन कार्ड बनवा कर उसका नंबर उपयोग कर रहे हैं।
इसका खुलासा विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने में दी गई जानकारी से हुआ है। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने बताया कि आयकर अधिनियम में एक से अधिक पैन कार्ड के उपयोग पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। किंतु नामांकन में जानकारी मिली कि मंत्री, पूर्व मंत्री व विधायक कई-कई पैन नंबर उपयोग कर रहे हैं।


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इन नेताओं ने तीन बार के चुनावों में तीन अलग-अगल पैन नंबर की जानकारी दी है। ऐसे में यह समझ से परे है कि आखिर में यह कैसे संभव है, चूंकि नियमों में एक से अधिक पैन कार्ड बनवाने व उपयोग करने पर पूरी तरह से रोक है।
उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र व संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से की है। इसमें शपथ पत्र में गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने बताया कि इस शिकायत के बाद अभी तक किसी भी मंत्री, विधायक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यदि कार्रवाई नहीं होती तो वे इसके खिलाफ आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।

वेबसाइट में दी गई जानकारी अनुसार अलग पैन

भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से प्राप्त सूचना अनुसार इन प्रत्याशियों ने 2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रस्तुत नामांकन पत्रों में एक से अधिक पैन नंबर का उपयोग किया है। यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और आयकर अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। चुनाव अधिकारियों से इसका परीक्षण कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।

इन मंत्रियों ने दिए अलग-अलग पैन नंबर

मप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री और उज्जैन (उत्तर) से वर्तमान विधायक पारसचंद्र जैन ने 2008, 2013 और 2018 के चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्र में यह पैन नंबर दिए हैं। उन्होंने वर्ष 2008 में एबीएनपीजे7597एफ, 2013 में एबीएनपी37797एफ तथा 2018 में एबीएनपीजे7797एफ दिया है।
इसीतरह मंत्री और देवास में हाट पिपल्या से विधायक व इस चुनाव में प्रत्याशी दीपक जोशी ने 2008-एसीकेपीजे6379एफ, 2013 में एसीकेपीजे6319एफ तथा वर्ष 2018 में एसीकेपीजे6379एफ पैन नंबर दिया है। इसीतरह कैबिनेट मंत्री, विधायक व बड़वानी के सेंधवा से प्रत्याशी अंतर सिंह आर्य ने वर्ष 2008 में एजीवायपीए3267ई, 2013 में एजीवीपीए3267ई तथा 2018 में भी यही पैन नंबर दिया है।

इन पूर्व मंत्रियों ने दिया पैन नंबर

पूर्व मंत्रियों ने भी इसीतरह का तीन अलग-अलग पैन नंबर प्रस्तुत किया है। यह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। धार जिले में मनावर से प्रत्याशी श्रीमती रंजना बघेल ने वर्ष 2008 में एजीईपीबी7828ई, 2013 में एजीईपीबी7828एफ तथा 2018 में एजीईपीबी7828एफ पैन नंबर दिया है।
जबलपुर में पाटन से प्रत्याशी अजय बिश्नोई ने नामांकन पत्रों में प्रस्तुत पैन नंबर कुछ इस तरह से दिया है। उन्होंने 2008 में एबीजेपीवी5695ए तथा एबीजेपीवी5695 एच व 2018 में एबीजेपीवी5695ए पैन नंबर दिया है।

इन विधायकों ने दिया पैन नंबर अलग-अलग

रीवा जिले में देवतालाब से प्रत्याशी गिरीश गौतम ने अपने नामांकन पत्र में 2008 में एजीएनपीजी3712के, 2013 में एजीएनपीजी3712सी व 2018 में वही पैन नंबर दिया है। खंडवा जिले में खण्डवा से प्रत्याशी देवेंद्र वर्मा ने नामांकन पत्रों में पैन नंबर कुछ इस तरह से दिया है।
उन्होंने 2008 में एबीडीपीवी4837आर, 2013 में एईडीपीवी4837आर व 2018 में एईडीपीवी4837आर नंबर का पैन कार्ड दिया है। देवास जिले में सोनकच्छ से प्रत्याशी राजेन्द्र वर्मा ने अपने नामांकन पत्रों में 2008 में एबीजेडपीवी343एच 2013 में एबीजेडपीवी0343एच व 2018 में एबीजेडपीवी0343एच दिया है।

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