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सुबह मंत्रियों, शाम को विधायकों से कमलनाथ ने पूछा... बताओ क्यों हारे?

करारी हार से सीएम कमलनाथ और मध्यप्रदेशस कांग्रेस सभी दिग्गज नेता परेशान हैं। ऊपरसे भाजपा ने कथित तौर पर सरकार गिराने का संकट बनायाहुआ है। रविवार को कलनाथ ने मंत्रालय में कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में सभी मंत्रियों और विधायकों से पूछा कि बताओ क्यों हारे?

सुबह मंत्रियों, शाम को विधायकों से कमलनाथ ने पूछा... बताओ क्यों हारे?
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भोपाल। करारी हार से सीएम कमलनाथ और मध्यप्रदेशस कांग्रेस सभी दिग्गज नेता परेशान हैं। ऊपरसे भाजपा ने कथित तौर पर सरकार गिराने का संकट बनायाहुआ है। रविवार को कलनाथ ने मंत्रालय में कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में सभी मंत्रियों और विधायकों से पूछा कि बताओ क्यों हारे?

मंत्रियों को सीएम ने जबदस्त कसा और कहा कि ज्यादातर मंत्रियों के इलाके में कांग्रेस की भारी दुर्दशा हुई है। साफ है कि जमीनी काम नहीं किया गया। इस पर सभा मंत्री बगलें झाकने लगे। सीएम ने मंत्रियों से जनता दरबार लगाने के लिए भी कहा ताकि लोग सीधे कनेक्ट हो सकें।

कमलनाथ ने मंत्रियों से उनके दौरों की रिपोर्ट भी मांगी तो ज्यादातर नहीं दे सके। शाम को कलनाथ ने अपने आवास पर 121 (सपा बसपा व निर्दलीय) सहित विधायकों से अपने इलाकों की रिपोर्ट तलब की। ये बैठक शाम साढ़े 7 बजे खत्म हो गई। साफ है सभी विधायकों को वक्त नहीं मिला पर सबकी रिपोर्ट ले ली गई। बैठक में दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी और दीपक बाबरिया भी मौजूद थे।

इससे पहले कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी के हलातों पर दो बार अलग से मंथन किया। बताते हैं सीएम ने जल्दी ही कैबिनेट विस्तार का भी फैसला किया है। पर, इस विस्तार में चार महीने तक घर में बैठे रहे कुछ मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। यानी, सिर्फ विस्तार ही नहीं, सीएम फेरबदल के मूड में भी है।

दिगिवजय और सिंधिया की हार पर ज्यादा सख्ती से पूछताछ, कहा विधायक अहंकार में डूबे रहे

कमलनाथ ने समीक्षा बैठक में दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया की करारी हार पर ज्यादा सख्ती दिखाई। विधायकों ने कहा कि नेता घरों से निकले नहीं और जीत रहे हैं जैसी हवाबाजी करते रहे। 10 से 15 सीटें आ रही हैं, ऐसा उड़ाते रहे। आतंरिक गुटबाजी चरम पर रही।

ग्वालियर की हार का उदाहरण भी दिया गया। कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के विधासभा क्षेत्र में कांग्रेस को 74 हजार और इमरती देवी के इलाके में 38 हजार वोट कम मिले। तोमर तो सिर्फ बयानबाजी करते रहे। वे इतने अंहकार में डूबे रहे कि कार्यकर्ताओं के उन्होंने फोन तक उठाने बंद कर दिए थे। इसी तरह 35 विधायकों के क्षेत्रों में कांग्रेस हार गई। जिला स्तर का संग्ठन पूरी तरह छिन्न-भिन्न रहा।

मंत्री रखेंगे पांच-पांच विधायकों पर निगाह

कमलनाथ ने अनौपचारिक कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को पांच पांच विधायकों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी है। गौर हो कि भाजपा लगातार ये संकेत दे रही है कि कमलनाथ की अल्पमत सरकार अपने ही लोगों के कारण गिर सकती है।

ऐसे में कमलनाथ ने मंत्रियों से साफ कहा कि वे विधायकों के मूवमेंट पर नजर रखें ताकि जरासा भी शक हो तो तत्काल डैमेउ कंट्रोल किया जा सके। हालांकि, ये निगरानी विधायकों को कितना भाएगी? ये पता नहीं चल सका है। पर कुछ विधायकों का दबी जुबान से कहना है कि ये पहरेदारी बताती है कि कांग्रेस अपने ही विधायकों को संदेह के घेरे में ले रही है। बता दें कि शनिवार को निर्दलयी विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने कहा था कि जनता कहेगी तो वो कांग्रेस का साथ छोड़ देंगे।


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