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Lok sabha election 2019 Results : जानिए कौन हैं गुना में 'सिंधिया राज' खत्‍म करने वाले केपी यादव

गुना लोकसभा सीट पर 1998 के बाद कमल खिला है। 5 साल पहले मोदी लहर में 1 लाख 20 हजार 792 वोटों से एमपी के लिए जीतने वाले कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा प्रत्याशी डाॅ. केपी यादव से 1 लाख 25 हजार 549 वोटों से हार गए।

Lok sabha election 2019 Results : जानिए कौन हैं गुना में सिंधिया राज खत्‍म करने वाले केपी यादव
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गुना। गुना लोकसभा सीट पर 1998 के बाद कमल खिला है। 5 साल पहले मोदी लहर में 1 लाख 20 हजार 792 वोटों से एमपी के लिए जीतने वाले कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा प्रत्याशी डाॅ. केपी यादव से 1 लाख 25 हजार 549 वोटों से हार गए। अपराजित सिंधिया परिवार के किसी प्रत्याशी की उनके गढ़ कहे जाने वाले गुना संसदीय क्षेत्र में अब तक की यह पहली हार है।

गुना लोकसभा सीट पर ज्यादातर सिंधिया परिवार का कब्जा रहा है। ग्वालियर लोकसभा सीट के बाद गुना सीट ही सिंधिया परिवार की सबसे पसंदीदा सीट है। जहां से सिंधिया परिवार के लोग चुनाव लड़ना पसंद करते हैं। ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवराव सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया ही इस सीट पर ज्यादातर जीतते आए हैं। तीन पीढ़ियों से सिंधिया घराने का कब्जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयराजे सिंधिया और पिता माधवराव सिंधिया ने जीतकर इतिहास रचा था। विजयराजे सिंधिया 6 बार, पिता माधवराव सिंधिया 4 बार और ज्योतिरादित्व ने भी 4 बार गुना लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी के जयभान सिंह पवैया को पराजित किया था। उस चुनाव में सिंधिया को 5,17,036 वोट मिले थे और जयभान पवैया को 3,96,244 वोट मिले थे। दोनों के बीच हार जीत का अंतर 1,20,792 वोटों का था।

कौन हैं केपी यादव?

45 वर्षीय केपी यादव पेशे से एमबीबीएस डॉक्‍टर हैं। उनके पिता अशोकनगर में कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष रह चुके हैं। 2004 से केपी सक्रिय राजनीति में आए। सिंधिया के खास हुए, सांसद प्रतिनिधि भी बने। अब विधायक बनने की बारी थी। महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा के निधन के बाद मुंगावली से उपचुनाव की बारी आई। केपी यादव टिकट के दावेदार थे और इलाके में पहले से सक्रिय थे। लेकिन टिकट चला गया बृजेन्द्र सिंह यादव को। केपी यादव ने नाराज़ होकर अपने पिता की पार्टी छोड़ दी। भाजपा ने केपी यादव को विधानसभा चुनाव में लड़ाया लेकिन वे हार गए। इसके बाद आए लोकसभा चुनाव 2019। भाजपा ने केपी यादव को एक मौका और दिया और अब भाजपा प्रत्याशी यादव ने सिंधिया को 1 लाख 36 हजार वोटों से हराया है।

सिंधिया की पत्नी ने कसा था तंज - भाजपा ने जब के पी यादव की उम्मीदवारी की घोषणा की थी, तो सिंधिया परिवार को यह बहुत ही नागवार लगा था। तब सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने ट्वीट करके तंज कसा था, 'जो कल तक महाराज के साथ सेल्फी (Selfie) लेने का इंतजार करता था, वह अब गुना में उनको चुनौती देगा?'

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