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लोकसभा चुनाव 2019 : MP में आज शाम थम जाएगा चुनाव शोर, 29 अप्रैल को 6 सीटों पर होगी वोटिंग

MP में 6 लोकसभा सीटों पर होने वाले चौथे चरण के 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार का शोर आज शाम 5 बजे थम जाएगा। विभिन्न प्रत्याशियों एवं उनकी पार्टियों के द्वारा किए जाने वाले प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।

लोकसभा चुनाव 2019 : MP में आज शाम थम जाएगा चुनाव शोर, 29 अप्रैल को 6 सीटों पर होगी वोटिंग
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भोपाल। मध्यप्रदेश में 6 लोकसभा सीटों पर होने वाले चौथे चरण के 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार का शोर आज शाम 5 बजे थम जाएगा। विभिन्न प्रत्याशियों एवं उनकी पार्टियों के द्वारा किए जाने वाले प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।

मध्य प्रदेश की 29 संसदीय सीटों में से 6 सीटों पर जबलपुर, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। आज अंतिम दिन मुख्मयमंत्री कमलनाथ और लोकसभा प्रत्याशी नकुलनाथ छिंदवाड़ा जिले में पांच जनसभाओं को सम्बोधित करेंगे।

छिंदवाड़ा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी आज भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी नथतन शाह के समर्थन में दो आमसभा करेंगे। मंडला में फग्गन सिंह कुलस्ते, बालाघट में ढाल सिंह बिसने के लिए केंद्रीय मंत्री उमा भारती वोट अपील करेंगी।

छिंदवाड़ा - नकुलनाथ पर पिता की विरासत संभालने की चुनौती

छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री कमलनाथ की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए उनके बेटे नकुल नाथ कांग्रेस से मैदान में उतरे हैं। वहीं नकुलनाथ को घेरने के लिए बीजेपी से जुन्नारदेव के पूर्व विधायक व आदिवासी नेता नत्थन शाह चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा इस सीट पर बसपा से ज्ञानेश्वर गजभिए सहित 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।

सीधी - अर्जुन सिंह की विरासत के लिए उतरे अजय सिंह

सीधी लोकसभा सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह के बेटे अजय अर्जुन सिंह कांग्रेस से मैदान में हैं। जिनका मुकाबला भाजपा की मौजूदा सांसद रिति पाठक से है। यहां बसपा से रामलाल पनिक समेत 26 उम्मीदवार मैदान में है।

जबलपुर - बीजेपी के दुर्ग बचाने की चुनौती

जबलपुर लोकसभा सीट भाजपा का सबसे बजबूत गढ़ माना जाता है। यहां से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चुनावी मैदान में हैं, उनका मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा से है। इस सीट पर बसपा के रामराज राम समेत 22 प्रत्याशी सियासी रणभूमि में हैं।

शहडोल - बगावती रुख बना मुसीबत

शहडोल लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर बीजेपी से हिमाद्री सिंह, कांग्रेस से पर्मिला सिंह और बसपा से मोहदल सिंह पाव सहित 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। 2014 में बीजेपी के दलपत सिंह परस्ते ने कांग्रेस के राजेश सिंह को मात देकर विजयी हुए थे। लेकिन दलपत सिंह को ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया था, जिसके चलते 2016 में शहडोल सीट पर उपचुनाव हुआ थे। बीजेपी के ज्ञान सिंह ने कांग्रेस के हिमाद्री सिंह को हराकर सांसद चुने गए थे। लेकिन बीजेपी ने इस बार ज्ञान सिंह का टिकट काटकर कांग्रेस से आईं हिमाद्री को प्रत्याशी बनाया है। इसके चलते ज्ञान सिंह बगावती रुख अख्तियार किए हुए हैं।

मंडला - फग्गन सिंह कुलस्ते के सामने कड़ी चुनौती

मंडला लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है। जिनका मुकाबाल कांग्रेस के कमल सिंह मरावी से है।

बालाघाट - टिकट काटना मंहगा न पड़ जाए

बालाघाट लोकसभा सीट पर कांग्रेस से मधु भगत, बीजेपी से डॉ. ढाल सिंह बिसेन और बसपा से कंकर मुंजारे सहित 23 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। ये बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले पांच लोकसभा चुनाव से कांग्रेस जीत का स्वाद नहीं चख सकी है। हालांकि इस बार बीजेपी के मौजूदा सांसद बोधसिंह भगत टिकट कटने से नाराज हैं, जिसमें कांग्रेस अपनी जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं।


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