Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

लोकसभा चुनाव 2019: 39 साल पहले दोनों प्रत्यशियों के पिता थे आमने सामने, अब पुत्र है आमने सामने

लोकसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के साथ एक संयोग और जुड़ गया है। बताते हैं 39 साल पहले जिन प्रत्याशियों के पिता आमने-सामने थे आज उनके पुत्र इतिहास को दोहरा रहे हैं।

लोकसभा चुनाव 2019: 39 साल पहले दोनों प्रत्यशियों के पिता थे आमने सामने, अब पुत्र है आमने सामने
X

ग्वालियर। लोकसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के साथ एक संयोग और जुड़ गया है। बताते हैं 39 साल पहले जिन प्रत्याशियों के पिता आमने-सामने थे आज उनके पुत्र इतिहास को दोहरा रहे हैं। खास बात ये है कि वंशवाद का रोना रोने वाली दोनों पार्टियों की कथनी करनी में अंतर ग्वालियर सीट से प्रत्याशी चयन के बाद स्पष्ट हो गया है।

लम्बे इंतजार के बाद 14 अप्रैल को कांग्रेस ने अपनी एक और सूची जारी कर उसमें ग्वालियर से अशोक सिंह को प्रत्याशी बनाये जाने का ऐलान कर दिया है। अशोक सिंह प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेन्द्र सिंह के पुत्र हैं।

पता चला है 39 साल पहले अशोक सिंह के पिता राजेन्द्र सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी महापौर विवेक शेजवलकर की पिता दो बार के सांसद रहे नारायण कृष्ण शेजवलकर के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि यह बात अलग है कि इस चुनाव में पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह मात्र 25 हज़ार वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे।

कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह पर पार्टी ने लगातार चौथी बार भरोसा जताया है और उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। अशोक सिंह का कहना है विवेक शेजलकर से उनका मुकाबला मात्र संयोग है।

कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह पिछले तीन लोकसभा चुनाव ग्वालियर से लड़ चुके हैं जिनमें उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ा है। बीजेपी प्रत्याशी विवेक शेजवलकर दो बार के महापौर हैं। माना जाता है विवेक का शहर में दबदबा है और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें लोग जानते तक नहीं हैं।

विवेक को राजनीति विरासत में मिली है उनके पिता जनसंघ के जमाने से भाजपा से जुड़े रहे और अब विवेक उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। लिहाजा विवेक पिता नारायण कृष्ण शेजवलकर के नाम के सहारे ग्रामीण क्षेत्रों से समर्थन मिलने की बात कह रहे हैं। विवेक आरएसएस की पसंद रहे है सो उन्हें आरएसएस से भी उम्मीदें हैं।

बहरहाल ग्वालियर संसदीय सीट पर कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों के बीच मुख्य मुकाबला होना माना जा रहा है। जबकि बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। सर्वविदित है तमाम बड़े मंचो से वंशवाद को लेकर एक दूसरे को कोसने वाली कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां ग्वालियर सीट पर अपने प्रत्याशियों के चयन के बाद सवालों के घेरे में जरूर हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story