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शिव ''राज'' में ज्योतिरादित्य की दहाड़, MP उपचुनाव को बताया ''शिवराज बनाम सिंधिया'' की लड़ाई

मध्य प्रदेश के उपचुनावों के चलते आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी और सीएम शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना साधा है।

शिव राज में ज्योतिरादित्य की दहाड़, MP उपचुनाव को बताया शिवराज बनाम सिंधिया की लड़ाई
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मध्य प्रदेश के उपचुनावों के चलते आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी और सीएम शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना साधा है।

ज्योतिरादित्य चुनाव के इस उठा-पटक भरे माहौल में भाजपा मंत्रियों की तुलना डाल पर बैठे कौवे से करते हुए कहते हैं कि 'आज ये जो मंत्री लोग यहां कोलारस 'बायपोल अभियान' के चलते आ रहे हैं, कोई इस डाल पर बैठा तो कोई उस डाल पर बैठा है।'

मध्य प्रदेश में हो रहे दो उपचुनावों में शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। दोनों नेता गांव-गांव पसीना बहाते घूम रहे हैं। शिवराज जहां जनता से पांच महीने के लिए जिताने की बात कह रहे हैं तो सिंधिंया का कहना है, पंद्रह साल शिवराज कहां रहे।
एक ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का चुनावी रथ खिरिया पहुंचा, जहां वो रथ के ऊपर लिफ्ट से निकलकर मुंगावली विधानसभा के लोगों से इस बार बीजेपी की उम्मीदवार बाई साहब यादव के लिये वोट मांग रहे हैं।
उनका दावा है कि पांच महीने के लिये ही जिता दो तो इलाके की तस्वीर बदल देंगे। शिवराज कहते हैं, "आप सबसे निवेदन है, चुनाव 5 महीने का है, मेरे कहने से बाई साहब को जिताएं। मैं 5 साल का काम 5 महीने में करके दूंगा।"
वहीं दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया का काफिला बर्रा, पिपरई, केशोपुर, खोखसी जैसे गांवों से दौड़ता है। पीछे एक ही शोर "महाराज की जय।" मुंगावली और कोलारस की सीटें कांग्रेस विधायकों की मृत्‍यू से खाली हुई हैं। सिंधिया की लोकसभा सीट में आने वाले कोलारस, मुंगावली को वो सीधे शिवराज बनाम सिंधिया से जोड़ते हैं, वे कहते हैं ये लड़ाई कांग्रेस बनाम बीजेपी नहीं शिवराज बनाम सिंधिया है।"
सिंधिया की ललकार का शिवराज कुछ यूं जवाब देते हैं, "वो ऐसा क्यों कहते हैंख्‍ मैं कुश्ती लड़ने थोड़े ही आया हूं।" जिसके जवाब में ज्योतिरादित्य कहते हैं, "तो वो यहां 5 महीने से क्या कर रहे हैं।"

करीब है विधानसभा चुनाव

गौरतलब है कि राज्य में नवंबर में विधानसभा के चुनाव भी होने हैं, ऐसे में इन चुनावों के नतीजों से शिवराज सरकार की लोकप्रियता का पता चलेगा इसलिए शिवराज सिंह अपने 18 से ज्यादा मंत्रियों के साथ इन दोनों सीटों के गांवों में कई दिनों से डेरा डाले हैं। आचार संहिता लगने के बाद 40 से ज्यादा रैलियां, 10 रोड शो कर चुके हैं।
फरवरी में सिंधिया लगभग, 75 रैलियां, 15 रोड शो कर चुके हैं। उनकी सभाओं में जमकर भीड़ उमड़ी जहां वो शिवराज सरकार पर खूब प्रहार करते नजर आए हैं। इन चुनावों को विधानसभा चुनावों के पहले का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है।
सिंधिया अभी से ताल ठोंक रहे हैं, सिंधिया कहते हैं, "प्रदेश की जनता तैयार है परिवर्तन के लिये, मैं कह रहा हूं 6 महीने का इंतजार क्यों अभी चुनाव करा लें" कांग्रेस अटेर, चित्रकूट उपचुनाव जीत चुकी है। राजस्थान उपचुनावों से भी उसके हौसले बुलंद हैं। ऐसे में 2-0 से पीछे चल रही बीजेपी की पुरजोर कोशिश है स्कोर बराबर कर फाइनल में मनोवैज्ञानिक बढ़त लेने की।

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