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जॉब, सेक्स & धोखा : इंदौर में फर्जीवाड़े का खुलासा, एक महिला समेत चार गिरफ्तार

इंदौर के आसपास खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, पीथमपुर, महू आदि में भी सक्रिय हैं गिरोह के सदस्य

जॉब, सेक्स & धोखा : इंदौर में फर्जीवाड़े का खुलासा, एक महिला समेत चार गिरफ्तार
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प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर। बेरोजगार युवक, युवती और महिलाओं को जॉब का झांसा देकर उनसे रूपए वसूली करने और सेक्स की डिमांड करने वाले एक गिरोह को पुलिस ने धर दबोचा है। इंदौर शहर में यह फर्जी कॉल सेंटर काफी समय से संचालित हो रहा था। कई युवतियां, युवक और महिलाएं इस गिरोह के झांसे में आ चुके हैं।

जानकारी मिली है कि गैंग के सरगना ने राजस्थान के एक युवक को ऑफिस में काम करने के लिए बुलाया था। जब युवक को लगा कि वहां गलत हो रहा है तो उसने विरोध किया। इस पर संचालक ने उसे धमकाया, तो युवक ने शिकायत दर्ज करवा दी। पुलिस ने दो युवक और दो युवकों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 14 एटीएम कार्ड, 34 मोबाइल, 52 फर्जी सिम, 3 लैपटॉप, एक्टिवा, नकदी और ग्राहकों की जानकारी लिखे 16 रजिस्टर बरामद किए हैं।

मूल रूप से राजस्थान के धौलपुर में रहने वाले दर्शन लाल पिता बुद्धाराम जाटव हाल मुकाम नंदानगर की शिकायत पर पुलिस ने अनीस (परदेशीपुरा), बृजेश कुमार सेन (अनूपगढ़,राजस्थान), अमनदीप कौर पिता गुरसैल सिंह (अनूपगढ़,राजस्थान) और लेखना भार्गव (आदर्श बिजासन नगर) के खिलाफ केस दर्ज किया है।

इस गैंग का सरगना रणजीत सिंह कुशवाहा फरार है। दर्शन ने पुलिस को बताया कि वह राजस्थान में था तब कंपनी से नौकरी के लिए फोन आया। उसे अनीस ने बुलाया और दफ्तर में नौकरी दी। दर्शन को बताया गया कि रोजाना बेरोजगार युवकों, युवतियों और महिलाओं को फोन लगाना है। रजिस्ट्रेशन के नाम पर 10-15 हजार रुपए जमा करवा लेना।

अनीस और रणजीत कुशवाहा इस कॉल सेंटर के बॉस थे। इंटरनेट पर अपने रिज्युम डालने वाले बेरोजगारों के मोबाइल नंबर अनीस और रणजीत कुशवाहा हथिया लेते थे। फिर अपने कॉल सेंटर से उन्हें फोन लगवाकर अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर झांसे में ले लेते थे। फिर उन्हें अकाउंट खोलने, लैपटॉप खरीदने सहित अन्य खर्चे बताकर रुपए जमा करवा लेते थे।

दर्शन ने बताया कि आरोपी फर्जी तरीकों से सिम हासिल कर लेते थे। एक सिम से करीब 100 बेरोजगारों को ठगा जाता था। उसके बाद आरोपी सिम तोड़कर फेंक देते और फिर दूसरी सिम से ठगी शुरू करवाते थे। जब दर्शन को उन पर शंका हुई तो उसने विरोध किया। इस पर आरोपियों ने उसे धमकाया कि तुझे भी फंसा देंगे।

दर्शन ने जैसे-तैसे उनसे दूरी बनाई। फिर शहर में अपना टिफिन सेंटर चालू किया। रुपए डलवाने के लिए इन्होंने दर्शन के भी एकाउंट का इस्तेमाल किया था, लेकिन नौकरी नहीं लगने पर लोगों ने शिकायत कर उसका खाता बंद करवा दिया। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाकर इनके फर्जी कॉल सेंटर पर छापा डलवा दिया। पुलिस ने अनीस और ब्रजेश को गिरफ्तार कर लिया है।

बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर एक हजार से ज्यादा बेरोजगारों से ठगी करने वाले चार लोगों को हिरासत में लिया गया। इन चारों ने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एक वेबसाइट लॉन्च की थी। फिर उन्हें अच्छी कंपनी में उनकी प्रोफाइल व चॉइस के हिसाब से नौकरी दिलवाने का कहते थे।

आरोप है कि इन्होंने युवाओं से 3 हजार से लेकर 30 हजार रुपए तक की ठगी की। आरोपियों के ऑफिस से सैकड़ों युवाओं और महिलाओं का बायोडाटा, उनके बैंक खातों की पासबुकें और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां तथा कम्प्यूटर में कई कंपनियों का डाटा मिला है।

स्नातक पास अनीस पहले नेटवर्किंग संबंधी काम करता था। अधिक मुनाफा नहीं होने से उसने ठगी के लिए यह रास्ता चुना। उसने यहां फर्जी सिम देने वाले, फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने वाले, लोगों के संबंध में जानकारी हासिल कर ली थी। ठगी से मिले रुपयों को टीम को बांटकर मोटी रकम खुद रख लेता था। वह रंगीन मिजाज है और ठगी के रुपयों से ऐश करता था।

अनीस के बारे में यह भी चर्चा है कि वह जॉब के बदले जो महिलाएं और युवतियां रुपए देने में असक्षम थीं, उनसे उसने सेक्स की डिमांड की। कई महिलाओं और युवतियों ने अनीस को उनके कॉल सेंटर में आकर झगड़े भी किए थे। कुछेक ने एफआईआर कराने की धमकी दी थी, तो अनीस ने पैसे भी लौटाए थे। इंदौर शहर के विजय नगर इलाके में रहने वाली महिला के साथ ऐसी घटना हो चुकी है, लेकिन इसकी रिपोर्ट बदनामी के डर से नहीं लिखाई गई थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को कुछ महिलाओं और युवतियों के भी नंबर हाथ लगे हैं, जो इस गिरोह तक बेरोजगार महिलाएं, युवतियों और युवकों को लेकर आते थे।

इस गैंग का सरगना रणजीत सिंह कुशवाहा अभी फरार है, लेकिन पुलिस ने उसकी खोजबीन में पूरी ताकत लगा दी है। बताया जा रहा है कि इंदौर के अलावा खंडवा को भी रणजीत कुशवाह ने अपना एक दूसरा सेंटर खोलने के लिए चुना था, लेकिन वहां कॉल सेंटर नहीं खोला है। वहां पर कुछ लोग गोपनीय ढंग से सक्रिय हैं। सरगना रणजीत कुशवाहा इतना शातिर है कि बैंकों, फाइनेंस कंपनी, इंश्योरेंस कंपनियों में भी अपना आदमी सक्रिय करके रखा है और उन्हीं के जरिए अपना शिकार ढूंढ़ता है। इसके अलावा वह कुछ सरकारी नौकरी वाले और रिटायर्ड लोगों की मदद से भी इंदौर के आसपास खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, पीथमपुर, महू आदि में भी इस गिरोह को फैला रखा है। इसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने संभावना जताई है कि बहुत जल्द उनकी गिरफ्तारी होगी।

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