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शिवराज ने सुना मां का दर्द, कहा- मेरे और बेटी बचाओ बचाओ अभियान टीम के रहते नहीं होने देंगे अन्याय

मध्यप्रदेश के छतरपुर में एक महिला अपनी 15 दिन की दुधमुही बच्ची और दो बेटियों के साथ सागर रोड पर अनशन पर बैठ गई। इंसाफ की गुहार लिए महिला के इस तरह रोड पर बैठने से जाम लग गया।

शिवराज ने सुना मां का दर्द, कहा- मेरे और बेटी बचाओ बचाओ अभियान टीम के रहते नहीं होने देंगे अन्याय
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मध्यप्रदेश के छतरपुर में एक महिला अपनी 15 दिन की दुधमुही बच्ची और दो बेटियों के साथ सागर रोड पर अनशन पर बैठ गई। इंसाफ की गुहार लिए महिला के इस तरह रोड पर बैठने से जाम लग गया। जिसके बाद सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए रोड का जाम खुलवाया। पीड़ित महिला सीता के ससुराल वालों ने उसे सिर्फ इसलिए घर से निकाल दिया क्योंकि उस महिला ने तीन बच्चियों को जन्म दिया। शनिवार की दोपहर यह महिला 15 दिन की दुधमुही बच्ची को लेकर न्याय के गुहार लगाने एसपी कार्यालय और कलेक्टोरेट पहुंची। इसके बाद जब सुनवाई नहीं हुई ताे देर रात सीता की मां ससुराल वालों को समझाने पहुंची, वहां इन लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी। इस बात से नाराज महिला ने सागर रोड पर बच्चियाें के साथ बैठकर जाम लगा दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह के माध्यम से पीड़ित महिला सीता साहू से फोन पर बात की। इस दौरान शिवराज सिंह ने हर संभव मदद देने का आाश्वासन दिलाया। वहीं पीड़ित युवती से बात करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, मैंने छतरपुर की बहन सीता का बयान सुना है कि तीन बेटियों के जन्म के कारण उन्हें ससुराल से निकाल दिया है। बहन के ससुराल के लोगों से कहना चाहता हूं कि बेटियों के बिना यह सृष्टि नहीं चल सकती है। बच्चों की परवरिश में कोई दिक्कत हो तो हम #बेटी बचाओ अभियान के माध्यम से उनकी मदद करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, मैंने छतरपुर की बहन सीता से बात की है। वह बिल्कुल चिंता न करें। मेरे और #बेटी_बचाओ_अभियान की टीम के रहते उनके साथ अन्याय नहीं होगा। हर विषम परिस्थिति में हम अब उनके साथ खड़े हैं। ससुराल वालों से आग्रह है कि उन्हें अपने साथ रखें। कोई दिक्कत है तो हम पूरा सहयोग करेंगे।

यह है पूरा मामला

सागर रोड की सीता पत्नी पुष्पेंद्र साहू ने तीसरी बच्ची को जन्म दिया तो पति, सास, ससुर सहित अन्य सदस्यों ने उसे घर से भगा दिया। घरेलू हिंसा की शिकार सीता को न्याय और आसरे की जरूरत है। पीड़िता सीता ने बताया कि इसके पहले उसने दो बेटियों को जन्म दिया। एक बेटी की सही परवरिश नहीं होने के कारण उसकी मौत हो गई। 15 दिन पहले उसने एक बार फिर बच्ची को जन्म दिया। सीता ने बताया कि ससुर मानिक लाल, जेठ जगदीश, जेठानी नीतू, पति पुष्पेंद्र सहित सास और देवर लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। शनिवार की दोपहर महिला ने सीएसपी को अपनी पीड़ा सुनाई। इस पर सीएसपी ने थाने भेजकर कार्रवाई कराने का पीड़िता को आश्वासन दिया।

शनिवार की देर रात सीता अपनी 45 वर्षीय मां फुलबाई पति मोनी साहू बड़ामलहरा के साथ सागर रोड स्थित घर पहुंची तो जेठ जगदीश साहू और ससुर मानिक लाल साहू ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस बात से नाराज सीता साहू नवजात बच्ची के साथ रोड पर बैठ गई और जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए रोड का जाम खुलवाया।

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