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सौ रुपए बचाने के लिए रोजाना पांच सौ लोग कर रहे प्राइवेट नाव में सफर, बिना लाइफ जैकेट करा रहे वोटिंग, नाव भी हो रहीं जर्जर

छह साल पहले शहर के बड़े तालाब में हुए एक हादसे के बाद तालाब में वोटिंग के लिए बनाई गई गाइडलाइन को अब तक लागू नहीं किया जा सका है, जिसकी वजह से अकेले बड़े तालाब में रोजाना करीब पांच सौ लोग प्राइवेट नाव में खतरे का सफर कर रहे हैं।

सौ रुपए बचाने के लिए रोजाना पांच सौ लोग कर रहे प्राइवेट नाव में सफर, बिना लाइफ जैकेट करा रहे वोटिंग, नाव भी हो रहीं जर्जर
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भोपाल। छह साल पहले शहर के बड़े तालाब में हुए एक हादसे के बाद तालाब में वोटिंग के लिए बनाई गई गाइडलाइन को अब तक लागू नहीं किया जा सका है, जिसकी वजह से अकेले बड़े तालाब में रोजाना करीब पांच सौ लोग प्राइवेट नाव में खतरे का सफर कर रहे हैं। इधर पर्यटन विकास निगम की वोट (जल परी) जिसमें अधिकतम चार लोग आधा घंटा 250 रुपए में घूम सकते हैं, जबकि प्राइवेट नाव लेने पर चार लोगों के लिए यह सौ रुपए में मिल जाती है। जिसको देखते हुए लोग सस्ते के लालच में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

छोटे तालाब के खटलापुरा में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान हुई 11 लोगों की मौत के बाद भी बड़े तालाब में अवैध रूप से प्राइवेट बोट पर्यटकों को बड़े तालाब की सैर करा रही है। यह नाविक नाव में सवार होने वाले लोगों को लाइफ जैकेट तक नहीं देते हैं, जबकि हादसा होने पर इमरजेंसी में मोटर वोट भी नहीं रखी गई है। वोट क्लब के पास प्राइवेट वोट चलाने वाले नाविक गणेश राम ने बताया की करीब 80 से 90 नाविक सुबह 10 से शाम को 6:30 बजे तक काम करते हैं। नाविक ने बताया कि प्राइवेट बोट का किराया 100 रुपए प्रति घंटा लिया जाता है, जिसमें एक बार में चार लोग सवार हो सकते हैं। वहीं पर्यटन विकास निगम की बोट लेने पर 250 रुपए प्रति घंटा देना पड़ता है।

- छह साल पहले हुए थे प्राइवेट नाव के रजिस्ट्रेशन

तालाबों में बिना लाइफ जैकेट के बोटिंग कलेक्टर की गाइडलाइन जारी होने के बाद भी हो रही है। तत्कालीन कलेक्टर ने अगस्त 2013 में पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए बोटिंग संचालन से संबंधित निर्देश जारी किए थे। जिसके बाद प्राइवेट नावों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे। शीतलदास की बगिया, वर्धमान पार्क से अवैध रूप से बोट संचालित की जा रही हैं, जो गाइड लाइन का पालन नहीं कर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बोट क्लब पर तो नियमों के अनुसार संचालन हो रहा है, लेकिन अन्य जगहों पर चलाई जा रहीं अवैध बोट संचालक नियमों को दरकिनार कर लोगों को तालाब की सैर करा रहे हैं, जो पर्यटकों के लिए खतरनाक हो सकता है।

- नावों की हालात भी जर्जर

यहां चलाई जा रही करीब दो दर्जन नावों की हालात भी जर्जर हो गई है, जिसकी वजह से इनकी लकड़ी कभी भी टूट सकती है। इधर कई नावों में छेद भी हैं, जिसकी वजह से यह भी हादसे की वजह बन सकता है। इधर कई नावों के नीचे के पटिए भी खराब हो गए हैं। नाविक जिन लाइफ जैकेट्स का प्रयोग करते हं उनकी हालात भी ठीक नहीं है। नाविकों का कहना है कि सरकार उनकी मदद नहीं करती, जिसकी वजह से हमारे परिवार को पालना मुश्किल हो रहा है।

- बिना सुरक्षा के नहीं चलेंगी बोट

बड़े तालाब सहित अन्य तालाबों में बिना लाइफ जैकेट और गाइडलाइन को दरकिनार कर कोई भी वोट नहीं चलने दी जाएगी। इसके लिए पर्यटन विकास निगम और नगर निगम को सख्त हिदायत दी गई है। नाव में सवारी को लेकर नए नियम बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा रहा है। जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

- तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

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