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करोड़ों रुपए के सिंहस्थ घोटाले में EOW की पड़ताल ने पकड़ी तेजी, दर्ज की जाएगी FIR

इकॉनोमिक ऑफेंस विंग (Economic Offense Wing) यानी ईओडब्ल्यू (EOW) ने उज्जैन सिंहस्थ (Ujjain Simhastha) के बड़े घोटाले की जांच तेज कर दी है। जिसमें कई करोड़ रुपए का घपला उजागर होने की संभावना प्रबल हुई है। इस घोटाले (Scam) में अभी तक छह मुद्दों को जांच की जा रही है।

करोड़ों रुपए के सिंहस्थ घोटाले में EOW की पड़ताल ने पकड़ी तेजी, दर्ज की जाएगी FIR
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भोपाल। इकॉनोमिक ऑफेंस विंग (Economic Offense Wing) यानी ईओडब्ल्यू (EOW) ने उज्जैन सिंहस्थ (Ujjain Simhastha) के बड़े घोटाले की जांच तेज कर दी है। जिसमें कई करोड़ रुपए का घपला उजागर होने की संभावना प्रबल हुई है। इस घोटाले (Scam) में अभी तक छह मुद्दों को जांच की जा रही है। घोटाले में करोड़ों रुपए की एलइडी (LED) ठिकाने लगाने समेत पानी की टंकियों को भी महामेला समाप्त होने के बाद तक भी स्टोर शाखा में जमा नहीं किये जाने की जानकारी है। इसके अलावा भी अन्य तरीक से यह घोटाला किया गया है। ईओडब्ल्यू (EOW) इसकी गहराई से पड़ताल में जुटी हुई है। सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएंगीं।

जानकारी के मुताबिक उज्जैन सिंहस्थ (Ujjain Simhastha) में खरीदी गई 2000 एलइडी लाइट्स, जो करीब 3.6 करोड़ रुपए कीमत की थीं, जो गायब कर दी गईं। इस घोटाले को नगर निगम उज्जैन समेत एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पॉवर सर्विसेज ने मिलकर अंजाम दिया है, जिसे ईओडब्ल्यू पुष्ट करने के पूरे प्रयास में है। इसी तरह 434 पानी की टंकियों समेत स्टैंड, जो स्टोर शाखा में जमा कराए जाने थे, वे वहां तक नहीं पहुंचे। इस घोटाले के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री समेत उपयंत्री भी जांच के दायरे में आ रहे हैं।

साथ ही मेला क्षेत्र में अस्थाई लाइनों और ट्रांसफार्मरों समेत खंबों के लिए जो 17 करोड़ रुपए में ठेका हुआ था। बावजूद इसके इन सभी को खोलने के लिए अलग से 4ण्50 करोड़ का ठेका अलग से दिया गया। इसमें घोटाला हुआ है। इसके लिए अधीक्षण यंत्री मप्र मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के खिलाफ जांच की जा रही है।

ये बिंदु भी जानें

- सिंहस्थ घोटाले में मकोडि़या आम से खाक चौक व खाक चौक से मंगलनाथ मंदिर तक 2ण्9 किलोमीटर का डिवाइडर बनाने में घोटाला किया गया।

- प्रत्येक पड़ाव स्तर पर 500 सौ शौचालय व 10 चार्जिंग रूम में लाइटें लगी ही नहीं, काली चूरी डाली नहीं गई, नंबर नहीं डाले गए। जबकि इनका भुगतान किया।

जांच पड़ताल तेजी से जारी है डीजी

सिंहस्थ घोटाले की जांच पड़ताल तेजी से जारी है। इसमें घोटाले से संबंधित सरकारी अधिकारियों समेत प्राइवेट संस्थाओं के प्रतिनिधियों से पूछताछ की जा रही है। घोटाले के पुष्ट सबूत जुटाए जा रहे हैं।

- केएन तिवारीए डीजी ईओडब्ल्यू मध्यप्रदेश

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