Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

डॉक्टरों पर भड़की संभागायुक्त, सर्दी-खांसी के मरीज हो रहे हमीदिया रेफर, आयुष्मान योजना में इलाज नहीं करने पर अस्पताल होंगे ब्लैक लिस्टेड

शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों में सर्दी.खांसी और साधारण डिलेवरी वाले केस भी हमीदिया अस्पताल में रैफर किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से यहां की ओपीडी लगातार बढ़ रही है।

डॉक्टरों पर भड़की संभागायुक्त, सर्दी-खांसी के मरीज हो रहे हमीदिया रेफर, आयुष्मान योजना में इलाज नहीं करने पर अस्पताल होंगे ब्लैक लिस्टेड
X

भोपाल। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों में सर्दी.खांसी और साधारण डिलेवरी वाले केस भी हमीदिया अस्पताल में रैफर किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से यहां की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। हालांकि इन अस्पतालों में दवाओं सहित डॉक्टर्स और अन्य इंतजाम किए गए हैं, बावजूद इसके मरीजों को फायदा नहीं मिल रहा है। यह बात शनिवार को संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने भोपाल संभाग के सभी सीएमएचओ, बीएमओ और संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ मरावी से किए। बैठक में सभी सीएमएचओ को हिदायत दी है कि एक महीने में यह व्यवस्था बदल लें। ऐसा नहीं करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आयुष्मान योजना में इलाज नहीं करने पर अस्पताल होगा ब्लैक लिस्टेड

बैठक में बताया गया कि बड़े अस्पताल आयुष्मान योजना में रजिस्टर्ड मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं। जबकि योजना में मरीजों को मुफ्त इलाज देने की बात कही गई है। इस पर संभागायुक्त ने कहा कि आप सूची उपलब्ध कराएं, ऐसे अस्पतालों को चिह्नित करें। उनको ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा।

आरोग्य केंद्र में इलाज देने की ट्रेनिंग ही नहीं दी

बैठक में संभागायुक्त ने सभी सीएमएचओ से कहा कि आरोग्य केन्द्र बनाए गए हैं, लेकिन इलाज के लिए ट्रेंड लोग नहीं हैं। उनको तत्काल सभी स्टाफ को ट्रेनिंग दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यहां 16 तरह की दवाएं उपलब्ध रहना चाहिए।

बैठक में यह फैसले भी हुए

- मुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां पर दो गायनेकोलॉजिस्ट पदस्थ हैं, उनको एक सुबह और दूसरी को रात की शिफ्ट में तैनात किया जाए, ताकि डिलीवरी के लिए प्रसूताओं को दूसरे अस्पताल न ले जाना पड़े।

- आउटसोर्स पर चिकित्सकों सहित अन्य सेवाओं को और भी बेहतर बनाया जाए, जिससे रोगियों को 24 घंटे विशेषज्ञों की सेवाएं मिल पाएं।

- आरोग्य केन्द्र सहित सभी अस्पतालों में उपलब्ध दवाईयों आदि के बोर्ड लगाएं। कितने प्रकार की दवाएं मौजूद हैं यह डिजिटल बोर्ड पर डिस्प्ले की जाए।

- खून की जांच जैसी सेवाएं प्रतिदिन की जाएंगी. उन्हें ऐसा पता कि कई अस्पताल दो तीन दिन ही ऐसी सेवाएं देते हैं।

- महामारी नियंत्रण कक्ष चालू किया जाए और जिला एवं ब्लॉक स्तर के महामारी नियंत्रण कक्ष, प्रभारी चिकित्सक का नाम, मोबाइल नंबर सहित एवं नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक का प्रचार प्रसार करें और एक वॉट्सएप एप ग्रुप बनाएं।

- नंबरों को वेबसाइटों पर प्रदर्शित करें ताकि किसी भी महामारी की सूचना घटना स्थल से तुरंत संबंधित अधिकारी को दी जा सके, ताकि घटना स्थल पर शीघ्र उपचार, बचाव एवं राहत कार्य किए जाएं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story