Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

न लाइव जैकेट, न हवा भरे ट्यूब, खटलापुरा छोटे तालाब में बड़े खतरे को फिर बुलावा, पुलिस की मौजूदगी में फिर डूब गई एक नाव

जिस जगह पर शुक्रवार की सुबह गणपति मूर्ति विसर्जन में 11 युवाओं की मौत हो गई थी। वहां तालाब में दूसरे दिन भी चल रही थीं असुरक्षित नावें। हादसे के दूसरे दिन उसी जगह पर दोपहर में पुलिस की मौजूदगी में फिर डूब गई एक नाव। दूसरी नाव के सहयोग से तीन लोग जिंदा बचे।

न लाइव जैकेट, न हवा भरे ट्यूब, खटलापुरा छोटे तालाब में बड़े खतरे को फिर बुलावा, पुलिस की मौजूदगी में फिर डूब गई एक नाव
X

भोपाल। प्रशासन और पुलिस ने गणपति मूर्ति विसर्जन हादसे से कोई सबक नहीं लिया। शनिवार को यह देखने को मिला उसी खटलापुरा तालाब परए जहां शुक्रवार को तड़के 11 जिंदगियां अथाह पानी में समा गई थीं। जहां चीखें.चीत्कारए भोर के धुंधलके में छपछपाते हाथए यही सब नजर आया थाए और डूब गए थे बच्चेए किशोरए युवक। यहीं अब फिर डूबी है एक और नाव। यह नाव शनिवार की दोपहर एक बजे पर डूबी। इसमें भी तीन लोग सवार थे। ये खुद के प्रयासों से बचेए लेकिन इस तालाब में हादसे रोकने के लिए प्रशासनए नगर निगम और पुलिस ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। इसका लाइव किया हरिभूमि नेए जिसे आप यहां देखिए।

दोपहर का एक बजने जा रहा है। इस समय राजधानी के खटलापुरा छोटे तालाब पर भीड़ बढ़ती जा रही है। यहीं हुआ था शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा। यहां फिर एक नाव डूब गई। इसे देखने जमा भीड़ को नियंत्रित करने जहांगीराबाद थाना पुलिस का बल प्रयास कर रही है। एसआई आरके सिंह की कमान में लोगों को घाट इलाके से दूर किया जा रहा है। इसी बीच तालाब में चलती नजर आ रही हैं दो नावें। खतरनाक ये है कि इन नावों पर सवार लोग न लाइफ जैकेट पहने हैंए न उनकी नावों में हवा भरे ट्यूब हैं। तालाब पर कोई गोताखोर भी नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस मूकदर्शक बनी इन नावों को चलने दे रही है।

बोर्ड टांगकर कर ली इतिश्री

यहां तालाब किनारे नगर निगम का एक बोर्ड टंगा है। इस पर लिखा है खटलापुरा घाट पर मूर्ति विसर्जन प्रतिबंधित किया जाता है। आज्ञा से आयुक्त नगर निगम भोपाल। इस बोर्ड को टांगकर नगर निगम के अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने अपने कर्तव्यों.दायित्वों को पूरा किया जाना माना है। इसीलिए तो असुरक्षित नावें यहां चलने दी जा रही हैं।

ताम-झाम बहुत, लेकिन पुलिस मूक दर्शक

नजर आ रहा है कि तामझाम तो बहुत हैए जिसमें डायल.100ए पुलिस की गाडि़यांए जेसीबी आदि हैए पुलिस भी काफी दिख रही हैए लेकिन तालाब में चल रहीं नावों को नहीं रोक रही है। मौके पर एसआई सिंह ने कहा कि तालाब ठेकेदार को नोटिस देकर जवाब तलब किया है कि नाव चलने की अनुमति है क्याघ् तो क्या नाव बिना अनुमति चल रही हैंघ् इस सवाल पर एसआई बोले. अभी तो नोटिस दिया है। इससे समझा जा सकता है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी राजधानी में हालात कितने गंभीर हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story