Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हनी ट्रैप : आरोपी मोनिका बिफरी, बोली - आरती ने बर्बाद कर दी जिंदगी, गोपनीय रूप से बनाया वीडियो

चर्चित हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप केस की आरोपी महिला आरती दयाल व युवती मोनिका यादव का पुलिस रिमांड 27 सितंबर तक का बढ़ गया है। इंदौर की अदालत में पुलिस ने इन्हें रविवार को पेश किया। जहां पीआर मांगा गया कि इनसे और पूछताछ करनी है।

हनी ट्रैप : आरोपी मोनिका बिफरी, बोली- आरती ने बर्बाद कर दी जिंदगी, गोपनीय रूप से बनाया वीडियो
X
Aarti and Monica remand extended to 27 in Honey trap case

भोपाल। चर्चित हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप केस की आरोपी महिला आरती दयाल व युवती मोनिका यादव का पुलिस रिमांड 27 सितंबर तक का बढ़ गया है। इंदौर की अदालत में पुलिस ने इन्हें रविवार को पेश किया। जहां पीआर मांगा गया कि इनसे और पूछताछ करनी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इन दोनों की रिमांड अवधि बढ़ा दी। दीगर तथ्य है कि अदालत में पेश करने से पूर्व की पूछताछ में मोनिका की तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद पुलिस ने उसका इलाज गुपचुप तरीके से कराया। उसे रातोंरात अस्पताल ले जाया गया, फिर उपचार के तत्काल बाद अस्पताल से पूछताछ स्थल पर ले आए। उधर हनी ट्रैप मामले में नाम आने के बाद निगम इंजीनियर हरभजन सिंह पर से सभी विभागों के प्रभार वापस लिए गये हैं। महापौर मालिनी गौड़ ने नगरीय प्रशासन मंत्री से फोन पर इस केस के फरियादी, हनी ट्रैप हुए हरभजन सिंह की सेवाएं समाप्त करने को लेकर बात की है।

यहां बता दें कि पूछताछ में हनी ट्रैप गैंग की लीडर्स नए राज खोल रही हैं। यहां तक खुलासा हो चुका है कि हनी ट्रैप में शामिल महिलाओं का उपयोग दोस्ती और दुश्मनी निभाने में भी किया जाता रहा है। प्रदेश के राजनेता, सीनियर अधिकारी और बड़े व्यापारी इन महिलाओं को अपने दुश्मनों के पास भेजते थे और उनके पॉर्न वीडियो बनवा लेते थे। फिर उनका दुरुपयोग किया जाता रहा।

जांच चल रही दो सैकड़ा नंबरों की :

इधर इंदौर पुलिस हनीट्रैप में शामिल महिलाओं से बरामद हुए मोबाइलों के कॉल डिटेल खंगाल रही है। पुलिस करीब दो सैकड़ा मोबाइल नंबरों की पहचान कर उनकी जांच कर रही है। इन नंबरों की जानकारी निकाली जा रही है। उधर इंदौर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा ने महिला थाना पहुंचकर आरती व मोनिका से पूछताछ की।

सवाल पूछने पर झल्लाई आरती बोली, एक फोन लगाते ही चुप हो जाओगे :

सूत्र बताते हैं कि आरोपी आरती पूछताछ में अधिकारियों को सहयोग नहीं कर रही है। हर सवाल के जवाब टाल जाती है। उन्हीं सवालों के जवाब देती है जिनके बारे में पुलिस वालों को पता है या उसके सामने सबूत रख दिए जाते हैं। शुक्रवार रात को आरती ने झल्लाते हुए एक अधिकारी से कहा कि मुझे ज्यादा परेशान मत करो। मैंने एक फोन लगा दिया तो सबको समझ में आ जाएगा मैं कौन हूं। तुम चुप हो जाओगे। एसआई ने उकसाने के मकसद से कहा कि लगा दो फोन और बता दो मेरा नाम। तब आरती चुप हो गई।

फेसबुक के जरिए पहचान :

मोनिका ने आरती से दोस्ती के बारे में बताया कि उसकी फेसबुक के जरिए पहचान हुई थी। दोनों चैटिंग करने लगी और मोनिका को आरती की ऊंची पहुंच व हजारों रुपए खर्च करने की अदा पसंद आने लगी। आरती ने उससे भी यही कहा कि वह खुद एनजीओ संचालित करती है। सहायक के रूप में साथ रख कमीशन का लालच दिया। मोनिका बीएससी छात्रा है। फीस के रुपयों के खातिर आरती के साथ रहने लगी और हरभजन से मुलाकातें शुरू कर दी।

दूरी बनाई थी राजनीतिक गलियारों से :

बता दें कि इस केस की आरोपी श्वेता जैन का पांच साल पहले एमएमएस वायरल हुआ था। उसके बाद से उसने राजनीतिक गालियारों से दूरी बना ली थी। वह चाहती थी कि उसको एमएमएस में क्लीनचिट मिल जाए, उसने भोपाल सायबर सेल से मदद मांगी। जहां अफसरों से मुलाकात हुई, लेकिन उसकी क्लीनचिट में एक इंस्पेक्टर ने रोड़ा अटका दिया था। जिसके बाद उसने एक पूर्व मंत्री से मदद मांगी थी। उन्होंने उसकी मदद की थी। बताया जाता है कि बाद में उसको क्लीनचिट भी मिल गई थी। इसके बाद वह पूर्व मंत्री की करीबी हो गई और पूर्व मंत्री का भी एक वीडियो बना लिया था। बाद में पूर्व मंत्री ने उनको एक भूखंड भी दिया था

राजनेताओं के फेसबुक से गायब हुई बरखा :

हनी ट्रैप में गिरफ्तार बरखा सोनी के राजनेताओं के साथ के कई फोटो गुरुवार तक उसके फेसबुक प्रोफाइल पर नजर आ रहे थे, लेकिन शुक्रवार सुबह उन राजनेताओं के फोटो हटा दिए गए। इस बात की चर्चा पूरे दिन शहर में चलती रही।

एटीएस एएसपी ने इंदौर आकर की पूछताछ :

सूत्र बताते हैं कि हनी ट्रैप गैंग से पूछताछ के लिए एटीएस एएसपी रामजी श्रीवास्तव भी इंदौर पहुंचे। उनके साथ क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह व सीएसपी ज्योति उमठ ने पूछताछ की। पर महिला थाने में क्या-क्या कुबूल किया, ये पुलिस बताने से बच रही है। रात को अफसरों ने मोनिका और आरती से अलग-अलग पूछताछ कर उनके शिकार अफसरों, नेताओं के बारे में जानकारी मांगी। यह भी पता किया जा रहा है कि अब तक ये कितने लोगों के साथ ब्लैकमेलिंग कर चुकी हैं और कितना पैसा कमाया है। पुलिस का ज्यादा जोर निगम इंजीनियर सिंह के मामले में साक्ष्य जुटाने और उन्हें साबित करने का है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story