Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

मध्य प्रदेश: कांग्रेस का का दावा एमपी में 60 लाख फर्जी वोटर, EC ने बिठाई जांच

कांग्रेस ने साक्ष्यों के साथ आयोग को बताया कि कैसे 60 लाख फर्जी वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट में डाले गए हैं।

मध्य प्रदेश: कांग्रेस का का दावा एमपी में 60 लाख फर्जी वोटर, EC ने बिठाई जांच
X

दिल्ली के कामकाज करने का स्टाइल बदल रहा है। रविवार को छुट्टी वाले दिन न सिर्फ चुनाव आयोग खुला बल्कि आयोग ने मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ केंद्रीय चुनाव आयोग कार्यालय जाकर मैराथन बैठक की।

साक्ष्यों के साथ आयोग को बताया कि कैसे 60 लाख फर्जी वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट में डाले गए हैं। कुछ लिखित तो कुछ लैपटॉप प्रेजेंटेशन के माध्यम से कमलनाथ ने आयोग को विस्तार से प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत का असर हुआ और शाम होते-होते केंद्रीय चुनाव आयोग ने वरिष्ठ अधिकारियों की 4 टीम बनाकर जांच की जिम्मेदारी दे दी। विधानसभा नरेला, भोजपुर, होशंगाबाद और सिवनी की चार क्षेत्रों की वोटर्स-लिस्ट खंगालने की जिम्मेदारी जांच दल को दी।

सोमवार को जांच टीम अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर जांच शुरू कर देगी। फर्जी वोटर लिस्ट का मामला कांग्रेस पार्टी मप्र के उपचुनावों के समय से उठाती रही है, मगर चार महीने बाद होने वाली विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं ने इसकी शिकायत सीधे केंद्रीय चुनाव आयोग से करने की ठानी, जिसका त्वरित असर भी दिखा।

आगामी 7 जून को कमेटी को जांच की रिपोर्ट आयोग को देनी होगी। रविवार को आमतौर पर एआईसीसी में कामकाज बंद रहता है। मगर, आयोग में मुलाकात के बाद सभी कांग्रेसी नेताओं ने एआईसीसी में पत्रकारों से बातचीत में शिकायत की विस्तृत जानकारी दी।

कमलनाथ बताया कि आयोग से मांग की गई है कि 1 जनवरी 2018 को विसंगति पूर्ण मतदाता पत्र में उचित संशोधन हो। जांच के बाद उसे ठीक किया जाए और त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने 31 जुलाई तक मतदाता सूची दुरुस्त कर लिया जाएगा। आक्रामक तेवर अख्तियार करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, भाजपा अधिकारियों का दुरुपयोग कर ऐसे ही हथकंडों से मप्र में पिछले 15 सालों से सरकार चला रही है।

उन्होंने बतौर उदाहरण कहा, प्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार 9 फीसदी वोटों के अंतर से सरकार में है जब कि फर्जी वोटरों की संख्या 12 फीसदी है। कुल 5 करोड़ मतदाता हैं मप्र में उनमें 60 लाख फर्जी मतदाताओं का नाम डालकर फर्जी वोटिंग पद्धति ही शिवराज सरकार की जीत की कुंजी है।

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेसी नेताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये सारी झूठी स्क्रिप्ट दिग्विजय सिंह की लिखी हुई है। उन्होंने जो लिख दिया उसे कमलनाथ आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश की जनता समझदार है। सब समझ रही है।

ये करेंगे जांच

नरेला: वीएन शुक्ला, निदेशक आईटी ओर सुमित मुखर्जी प्रधान सचिव

भोजपुर: अनुज जयपुरियार, प्रधान सचिव, विजय कुमार, आईटी

होशंगाबाद: केएन भार, प्रधान सचिव, सोनल खरबंदा, आईटी

सिवनी- मालवा: बीसी पात्रा, सचिव, अंकित सिंह, आईटी

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story