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33 लोगों की हत्या के आरोप में सीरियल किलर गिरफ्तार, 10 साल से खेल रहा था खूनी खेल

कुख्यात सीरियल किलर आदेश खामरा अपने साथियों के साथ मिलकर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में हाईवे पर खूनी खेल खेलता रहा और इसकी भनक तक खुफिया एजेंसी व पुलिस को नहीं लगी। इसी वजह से उसने पिछले दस साल में 33 बेकसूर लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

33 लोगों की हत्या के आरोप में सीरियल किलर गिरफ्तार, 10 साल से खेल रहा था खूनी खेल

कुख्यात सीरियल किलर आदेश खामरा अपने साथियों के साथ मिलकर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में हाईवे पर खूनी खेल खेलता रहा और इसकी भनक तक खुफिया एजेंसी व पुलिस को नहीं लगी। इसी वजह से उसने पिछले दस साल में 33 बेकसूर लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं वह पिछले सालों में दो बार पुलिस गिरफ्त मेें भी आया, लेकिन पुलिस उससे पूछताछ में कुछ नहीं उगलवा पाई थी।

इसी वजह से उसके खिलाफ एेसे मजबूत सबूत पुलिस को नहीं मिले जिससे उसे न्यायालय सजा सुना पाता। बल्कि कमजोर सबूतों की वजह से उसे न्यायालय से जमानत तक मिल गई और जेल से रिहा होते ही वह फिर बेकसूर लोगों की जान लेने लगा। इस खुलासे से जहां एक तरफ मप्र की भोपाल पुलिस की सराहना हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

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पुलिस नहीं जान पाई थी हकीकत

सीरियल किलर आदेश खामरा अपनी गैंग के साथ मिलकर हत्या व लूट को अंजाम देता रहा। लेकिन वह पहले पुलिस गिरफ्त में आया था, तब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की होती तो वह अपने जुर्म की दास्तां तब भी बयां कर सकता था। लेकिन, पुलिस ने उसे इतना बड़ा किलर नहीं समझा होगा और उसे हत्या व लूट में सह आरोपी समझा।

इसी का फायदा उसे जमानत के रूप में मिलता गया, मप्र की गुना पुलिस या फिर भोपाल पुलिस पूर्व में मिली लाशों के मामलों को गंभीरता से लेती तो आदेश खामरा समय से पहले गिरफ्तार किया जा सकता था। ऐसे में कई बेकसूर लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इतना ही नहीं वह हत्याएं करता रहा और प्रदेश की खुफिया एजेंसियों तक को इसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका।

इस वजह से वह बेखौफ होकर लोगों को मौत के घाट उतारता रहा। इससे स्पष्ट है कि जब भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और जांच व पूछताछ की तब ऐसी कोई जानकारी नहीं जुटा पाई, जिससे उसकी हकीकत सामने नहीं आ सकी । पुलिस लूट व हत्या के मामले में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं जुटा पाई, जिससे आदेश खामरा गैंग को बड़ी सजा सुनाई जा सके।

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गुना पुलिस ने किया था गिरफ्तार, जमानत पर हुआ रिहा

पुलिस के मुताबिक आदेश खामरा ने योगेंद्र प्रताप सिंह, परमजीत सिंह, बब्बू सरदार, रामपाल सिंह सहित अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 2012 में गुना - शिवपुरी के बीच पोकलेन मशीन लूट कर तीन लोगों की हत्या की थी। धरनावदा पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था, लेकिन बाद में सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। इसके साथ ही वह एक बार पूना जेल भी बंद हुआ था उसे तब भी जमानत मिल गई थी।

चंदेरी के जंगल में मिली पांच लाशें, नहीं दिया था ध्यान

आदेश खामरा, तुकाराम ने अपनी गैंग के साथ मिलकर 33 हत्याओं को अंजाम दिया। इनमें से करीब आधा दर्जन लाशों को उन्होंने चंदेरी के जंगल में ठिकाने लगाया था। एक के बाद एक लाश मिलने से अशोक नगर पुलिस में हड़कंप मच गया था।

लेकिन, कुछ दिनों बाद मामला शांत हो गया। एक के बाद एक लाश मिलने पर भी पुलिस - प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। बताया जा रहा है कि यदि चंदेरी में लाश मिलने के मामले को गंभीरता से लिया जाता तो कई जानें बचाई जा सकती थी।

बसंल कंपनी का सरिया गायब हुआ तब सक्रिय हुई पुलिस

बिलखिरिया थाना में झगरिया पठार के पास नाले में मिली लाश की शिनाख्त जब बसंल कंपनी के ट्रक ड्राइवर के रूप में हुई। जो कि ट्रक में कंपनी का सरिया भरकर ले जा रहा था। इस मामले में सामने आया था कि उसकी हत्या कर सरिया लूटा गया है। तब जाकर भोपाल पुलिस ने सक्रियता दिखाई।

इससे पहले अशोकागार्डन से ट्रक लेकर निकले ड्रायवर - क्लीनर की हत्या कर पथरिया नाले में फेंक दी थी। तब भी विदिशा व भोपाल पुलिस इसका खुलासा नहीं कर सकी थी। जबकि हत्या की पुष्टि पीएम रिपोर्ट में हो चुकी थी।

बिलखिरिया पुलिस ने जब ट्रक लूट व हत्या के मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों में जयकरण से पूछताछ की तो उसने आदेश खामरा का नाम लिया और उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने आदेश को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस उससे चार दिन तक पूछताछ करती रही, लेकिन वह कुछ नहीं बता रहा था। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो उसने एक के बाद एक जघन्य हत्याएं करना कबूल किया और अपने गिरोह के कई साथियों के नाम पुलिस के सामने खोलकर रख दिए।

ऐसा नहीं है पुलिस कर रही थी मामलों की जांच

चंदेरी में लाशें मिलने का मामला हो या फिर अशोकागार्डन से ट्रक सहित लापता ड्रायवर व क्लीनर की लाश मिलने का मामला हो। सभी मामलों में वहां की पुलिस व भोपाल पुलिस लगातार जांच कर रही थी। लेकिन कोई लिंक नहीं मिल पा रहा था, जब लिंक मिला तो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक के बाद एक घटनाएं सामने आती गई।

पुलिस आदेश खामरा व उसके साथियोें के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने का काम कर रही हे। जिससे बेकसूर लोगों की हत्या करने वाले कुख्यात आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

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