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उन्नाव में रिटायर्ड फौजी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, वारदात के बाद आरोपी खुद पहुंचा थाने, बोला- मैंने उसे काट डाला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार थाना क्षेत्र के गांव थरि के मजरे रामपुर खरही में रविवार की सुबह शुभम का 55 वर्षीय रिटायर्ड फौजी गिरिजेश के साथ विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर शुभम कुल्हाड़ी लेकर आया और गिरिजेश की गर्दन पर वार कर दिया। आरोपी ने वारदात करने के पीछे की जो वजह बताई है, वो हैरान करने वाली है।

उन्नाव में रिटायर्ड फौजी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, वारदात के बाद आरोपी खुद पहुंचा थाने, बोला- मैंने उसे काट डाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक शख्स ने रिटायर्ड फौजी को कुल्हाड़ी से काटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंचा, जिससे वहां हड़कंप मच गया। पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वारदात की जो वजह बताई है, उससे पुलिस भी सकते में है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार थाना क्षेत्र के गांव थरि के मजरे रामपुर खरही में रविवार की सुबह शुभम का 55 वर्षीय रिटायर्ड फौजी गिरिजेश के साथ विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर शुभम कुल्हाड़ी लेकर आया और गिरिजेश की गर्दन पर वार कर दिया। लहूलुहान होकर गिरिजेश वहीं गिर गए। दिनदिहाड़े हुई इस वारदात से पूरे गांव में दहशत फैल गई। आनन-फानन में गिरिजेश को सुमेरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने गिरिजेश को मृत घोषित कर दिया।

वारदात के पीछे की ये वजह बताई

इस बीच आरोपी शुभम खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंच गया। उसके हाथ में कुल्हाड़ी देख थाने में हड़कंप मच गया। शुभम को देखकर लग रहा था कि कहीं वो खुद को भी नुकसान न पहुंचा ले। हालांकि उसने ऐसा कुछ नहीं किया और हथियार समेत खुद को सरेंडर कर दिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि फौजी उसके परिवार की महिलाओं पर गलत नजर रखता था। उसने कई बार समझाया, लेकिन फौजी नहीं माना। आज विवाद ज्यादा बढ़ गया, जिसके चलते उसने उसे कुल्हाड़ी से काट डाला।

फौजी के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

उधर, मृतक गिरिजेश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोपी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया। परिजनों के मुताबिक गिरिजेश लखनऊ में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वो एक माह पहले गांव आए थे ताकि खेती संभाल सकें। गिरिजेश अपने पीछे पत्नी और चार बेटियां छोड़ गए।

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