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सपा सांसद आजम खान को 'सुप्रीम राहत', लेकिन जमानत के आदेश होने पर भी रहना पड़ेगा जेल में, जानें क्यों ?

रामपुर से सांसद आजम खान और उनके बेटे पर अलग अलग आरोपों में करीब 120 से ज्यादा मुकदमें दर्ज है। इनमें आजम खान पर 80 से ज्यादा और अब्दुल्ला खान पर करीब 40 मुकदमें दर्ज है।

सपा सांसद आजम खान को सुप्रीम राहत, लेकिन जमानत के आदेश होने पर भी रहना पड़ेगा जेल में, जानें क्यों ?
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समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की फाइल फोटो। 

समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान और उननके बेटे अब्दुल्ला खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आपराधिक मामले में मंगलवार को अंतरिम आदेश में आजम खान और अब्दुल्ला खान की जमानत की अनुमति दे दी है। हालांकि यह आदेश चार सप्ताह के बाद लागू होगा क्योंकि इस बीच निचली अदालत में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज होना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भी आजम खान की रिहाई मुश्किल होगी क्योंकि उनके खिलाफ कई अन्य मामले भी चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने आजम खान की जमानत पर आपत्ति जताई थी। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने दलील रखी कि आजम खान के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

बता दें कि आजम खान और उनके बेटे पर अलग अलग आरोपों में करीब 120 से ज्यादा मुकदमें दर्ज है। इनमें आजम खान पर 80 से ज्यादा और अब्दुल्ला खान पर करीब 40 मुकदमें दर्ज है। इनमें अधिकतर मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन कई मामलों में जमानत न मिलने के चलते वह जेल में बंद हैं। जेल में बंद रहने के दौरान आजम खान कोरोना संक्रमित भी हो गए थे।

आजम खान को नौ मई को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सपा सांसद की जिद पर कोरोना संक्रमित उनके बेटे अब्दुल्ला को भी साथ ही शिफ्ट किया गया था। यहां एक दिन बाद यानी दस मई को आजम खान की तबीयत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा। सपा सांसद की तबीयत में तेजी से सुधार के बाद उन्हें 17 मई को आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद 26 मई को दोबारा आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा।

आजम खान ने कोरोना के खिलाफ करीब 95 दिन लंबी चली लड़ाई के बाद महामारी को मात दे दी थी। उनके बेटे अब्दुला भी कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो गए थे, जिसके बाद दोनों को 13 जुलाई को मेदांता हॉस्पिटल से एंबुलेंस में सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था।

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