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जौनपुर पुलिस की हिरासत में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, इस तरह लिया मौत का बदला...

चरमिर्जापुर गांव निवासी 25 वर्षीय किशन उर्फ पुजारी पुत्र तिलकधारी यादव को क्राइम ब्रांच की टीम लूटपाट के एक मामले में पूछताछ के लिए बक्शा थाना लेकर गई थी। आरोप है कि यहां पर उसे इतनी बेरहमी से पीटा गया कि अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव और जौनपुर-प्रयागराज राजमार्ग पर जाम करने के साथ पुलिस वाहनों पर पथराव भी किया। इसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें लगीं। गांव में अभी भी तनाव बना है। पुलिस विभाग अलर्ट पर है।

जौनपुर पुलिस की हिरासत में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, इस तरह लिया मौत का बदला...
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जौनपुर पुलिस हिरासत में युवक की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है। 

उत्तर प्रदेश के जौनपुर (Jaunpur) में पुलिस हिरासत (Police Custody) के दौरान बेरहमी से पीटे जाने पर एक युवक की मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने संबंधित थाने पर पहुंचकर घेराव कर लिया। पुलिस की ओर से भी थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने जौनपुर-प्रयागराज मार्ग (Jaunpur-Prayagraj Highway) पर फतेहगंज के पास जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस वाहनों पर पथराव भी हुआ, जिसमें एक इंस्पेक्टर और सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों का गुस्सा देख पुलिस विभाग को तुरंत आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लेना पड़ा। मामले में संबंधित थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। गांव में अभी भी तनाव की स्थिति बनी है, जिसे लेकर पुलिस विभाग अलर्ट पर है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा तथा पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर ने मृतक के गांव जाकर पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चरमिर्जापुर गांव निवासी 25 वर्षीय किशन उर्फ पुजारी पुत्र तिलकधारी यादव को क्राइम ब्रांच की टीम गुरुवार की देर रात लूट के एक मामले में पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। परिजनों का आरोप है कि थाने में किशन की रात को बेरहमी से पिटाई की गई। रात करीब दो बजे जब उसकी हालत बिगड़ी तो आनन-फानन में पुलिस उसे नौपेड़वा सीएचसी लेकर गई, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के कुछ समय बाद ही किशन की मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात को उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी और शव को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। सुबह जब वे बेटे की तलाश में थाने पहुंचे तो वहां पर पुलिस बल तैनात किया हुआ था। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आया। जब बेटे के बारे में पूछा तो बोला गया कि जिला अस्पताल में है, वहीं मिलेगा। परिजनों के मुताबिक जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें मोर्चरी ले जाया गया, जहां बेटे का शव देख परिजन बिलख पड़े।

आग की तरह फैली खबर

पुलिस हिरासत में किशन की मौत की खबर जंगल में आग की तरह फैली। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर लिया। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस फोर्स को मौके पर बुला लिया गया। गुस्साए ग्रामीणों ने जौनपुर-प्रयागराज मार्ग पर भी फतेहगंज के पास जमा लगा दिया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद आनन-फानन में थाना प्रभारी बक्शा समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। जौनपुर एसपी ने मीडिया को बताया कि घटना की न्यायिक जांच के साथ ही वीडियो कैमरे के सामने शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

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