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Coronavirus In UP : पंचायत चुनाव के बाद योगी सरकार की 'तीसरी आंख' एक्टिव, आज से हर गांव में तलाशे जाएंगे कोरोना मरीज

प्रदेश के 97 हजार राजस्व गांवों में निगरानी समितियां और रैपिड रिस्पांस टीमें घर-घर जाकर जांच करेंगी। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में दस लाख लोगों के एंटीजन टेस्ट कराने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान 9 मई तक चलेगा।

Coronavirus In UP : पंचायत चुनाव के बाद योगी सरकार की तीसरी आंख एक्टिव, आज से हर गांव में तलाशे जाएंगे कोरोना मरीज
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प्रतीकात्मक तस्वीर। 

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना के खिलाफ आज से ग्राम स्तर पर भी जंग तेज करने जा रही है। इसके तहत ग्राम निगरानी समितियां प्रत्येक गांव के प्रत्येक घर तक जाकर यह पता लगाएंगी कि वहां पर कोरोना संक्रमित मरीज तो नहीं है। कोरोना के लक्षण पाए जाने पर जहां संबंधित व्यक्ति की कोविड जांच होगी, वहीं उन्हें आवश्यक दवाएं भी दी जाएंगी। यही नहीं, गंभीर लक्षण मिलने वाले मरीज को अस्पताल में भी भर्ती कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के दौरान राज्य में कोरोना गाइडलाइंस की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। यहां तक कि नतीजों वाले दिन भी मतगणना केंद्रों पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ नजर आई थी। यह सब तक हुआ, जब यूपी में कोरोना का प्रकोप चरम पर था और रोजाना 30 हजार से ज्यादा संक्रमित मरीज रोजाना मिल रहे थे, जबकि 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही थी। ऐसे हालात में आशंका जताई जा रही थी कि अब कोरोना संक्रमण गांव-गांव तक फैल चुका है।

यहां तक कि विपक्षी दल भी लगातार आरोप लगा रहे थे कि योगी सरकार की लापरवाही के कारण गांवों में भी लोगों की जान जा रही है। इन सबके चलते लगातार मांग की जा रही थी कि गांवों में भी युद्धस्तर पर जांच अभियान चलाया जाना चाहिए। अब जबकि यूपी पंचायत चुनाव के नतीजे भी घोषित हो चुके हैं तो प्रदेश के प्रत्येक गांव में प्रत्येक घर तक पहुंचकर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने की तैयारी कर ली गई है।

अपर मुख्य सचिव सूचना डॉक्टर नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश के 97 हजार राजस्व गांवों में निगरानी समितियां और रैपिड रिस्पांस टीमें घर-घर जाकर जांच करेंगी। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण पाए जाएंगे, उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी। साथ ही, उन्हें मेडिसिन किट दी जाएंगी और उनके होम आइसोलेशन की व्यवस्था कराई जाएगी। लक्षण गंभीर मिलने पर संबंधित व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। निगरानी समितियों को दस लाख मेडिसिन किट, जबकि रैपिड रेस्पांस टीमों को दस लाख एंटीजेन टेस्ट किट दी गई हैं।

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