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अयोध्या राम मंदिर के लिए मुलायम सिंह यादव की बहु ने दिए 11 लाख रुपए, परिवार की 'गलतियों' पर....

अखिलेश यादव ने कुछ समय पहले अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे सम्पर्ण राशि अभियान पर निशान साधते हुए चंदा इकट्ठा करने वालों को चंदाजीवी बताया था। इस पर खासा बवाल मचा था। इससे पहले मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान अयोध्या कार सेवकों पर फायरिंग हुई थी। यादव परिवार की छोटी बहु ने इन सब सवालों का जवाब दिया...

अयोध्या राम मंदिर के लिए मुलायम सिंह यादव की बहु ने दिए 11 लाख रुपए, परिवार की गलतियों पर....
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर निर्माण के लिए सम्पर्ण राशि इकट्ठा करने वालों को 'चंदाजीवी' बताया था, जिस पर खासा बवाल हुआ था। 

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहु अर्पणा यादव ने अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) निर्माण के लिए 11 लाख रुपए की सम्पर्ण राशि दी है। अर्पणा यादव परिवार की छोटी बहु है। कुछ दिन पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सम्पर्ण राशि को लेकर चल रहे अभियान पर निशाना साधते हुए 'चंदाजीवी' की उपमा दी थी, जिस पर खासा बवाल मचा था। अब अर्पणा यादव (Aparna Yadav) ने इस पर अपने विचार रखे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अर्पणा यादव ने कहा कि मैंने अपनी स्वेच्छा से राम मंदिर निर्माण के लिए दान किया है। भगवान राम में हम सबकी आस्था है। प्रत्येक भारतीय को राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग देना चाहिए। मुलायम सिंह की सरकार के दौरान अयोध्या में कार सेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग से जुड़े सवाल पर कहा कि जो कुछ हुआ, बेहद ही दुखद था। मेरे परिवार ने पहले जो भी किया, मैं उसकी जिम्मेदारी नहीं ले सकती। जो बीत गया, उसे आज बदला नहीं जा सकता। उन्होंने इससे आगे कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। अर्पणा ने दिलकुशा स्थित आवास पर अवध प्रांत के प्रचारक कौशल को राम मंदिर निर्माण के लिए 11 लाख रुपए की सम्पर्ण राशि का चेक भेंट किया।

अखिलेश ने दिया था 'चंदाजीवी' का बयान

बता दें कि अखिलेश यादव ने कुछ समय पहले अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे सम्पर्ण राशि अभियान पर सवाल उठाते हुए चंदाजीवी का बयान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंदोलनजीवी वाले बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने संसद में कहा था- 'उन्हें क्या कहें जो घर-घर जाकर चंदा ले रहे हैं, क्या ये चंदाजीवी संगठन के सदस्य नहीं हैं?' उनके इस बयान पर खासा बवाल मचा था। विशेषकर साधु संतों ने सपा अध्यक्ष को आड़े हाथ ले लिया था। विश्व हिंदु परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा था, 'लगता है, निहत्थे रामभक्तों को गोलियों से भूनने वालों की भूख अभी शांत नहीं हुई! भव्य राममंदिर का निर्माण इनकी आंखों में खटक रहा है।' उन्होंने कहा कि जिन्होंने जीवनभर चंदा लिया, उगाही व बसूली कर अपनी राजनीति चमकाई, उन्हें भला समर्पण और चंदे में अंतर कैसे पता चलेगा?

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