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सट्टे का नंबर बताकर ऐंठे पैसे, नंबर नहीं खुला तो गुस्से में तांत्रिक को ही उतार दिया मौत के घाट

12 दिन पहले एक व्यक्ति जो जादू टोने व तंत्र-मंत्र का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। तांत्रिक ने उनसे सट्टे का नंबर बताने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। जब तांत्रिक का बताया हुआ नंबर नहीं लगा तो दोनों आरोपी आग बबूला हो गए और गुस्से में तांत्रिक की बेरहमी से हत्या कर दी।

सट्टे का नंबर बताकर ऐंठे पैसे, नंबर नहीं खुला तो गुस्से में तांत्रिक को ही उतार दिया मौत के घाट
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तांत्रिक की हत्या

राजस्थान के करौली के मोठियापुरा के जंगल में 12 दिन पहले हुई एक हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। यहां एक तांत्रिक की बेरहमी से हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और इस मामले में आरोपी दो चचेरे भाईयों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सटोरिये बताए जा रहे हैं। दरअसल, 12 दिन पहले एक व्यक्ति जो जादू टोने व तंत्र-मंत्र का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। तांत्रिक ने उनसे सट्टे का नंबर बताने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। जब तांत्रिक का बताया हुआ नंबर नहीं लगा तो दोनों आरोपी आग बबूला हो गए और गुस्से में तांत्रिक की बेरहमी से हत्या कर दी।

जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि आरोपी खरेटा निवासी महेशचंद जाटव व राकेश कुमार जाटव हैं। जिन्होंने 24 दिसम्बर 2020 को बयाना इलाके के नंगला होता निवासी उदयसिंह उर्फ ओमप्रकाश जाटव की हत्या कर शव को मोठियापुरा के जंगल में पटक गए। मामले में मूतक के भाई जगदीश ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद व डीएसपी किशोरी लाल के सुपरवीजन में पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की गई। पुलिस ने गहनता से पड़ताल के बाद आरोपी महेश व राकेश को गिरफ्तार कर लिया।

लोगों को झांसा देकर करता था ठगी

मृतक उदयसिंह उर्फ ओमप्रकाश स्वयं को तांत्रिक बताता और गांव-गांव घूम कर लोगों को जमीन में गढ़े धन, सट्टे के नंबर, नि:संतान दंपती को संतान होने का झांसा दे ठगी करता था। वह पहले भी कई बार आरोपी महेश पूर्व राकेश के गांव खरेटा आ चुका था। आरोपियों से उसने रुपए उधार ले रखे थे। बीते 15 दिसम्बर की रात वह आरोपियों के घर ठहरा और सट्टे का नंबर बताने के नाम पर रुपए ऐंठ लिए, लेकिन सट्टा नहीं खुला। इसके बाद 21 दिसम्बर को शाम करीब चार बजे पोंछडी गांव के रास्ते में आरोपी राकेश की मुलाकात मृतक उदयसिंह उर्फ ओमप्रकाश से हुई। पहले तो राकेश उसे अपने घर ले गया, लेकिन महेश से बातचीत करने के बाद शराब पीने की बात कह कर वे दोनो उदयसिंह को मोटरसाईकिल पर बिठा मोठियापुरा के जंगल में ले गए। जहां दोनों ने मिलकर उदयसिंह के सिर पर पत्थर से हमला किया, फिर तौलिया से गला दबा घोंटकर हत्या कर दी।

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