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डूंगरपुर में स्थिति में सुधार, बंद उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे खुला

राजस्थान के हिंसा प्रभावित डूंगरपुर जिले में रविवार को प्रर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हुई सकारात्मक बैठक के बाद तनावग्रस्त क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ और बृहस्पतिवार से बंद उदयपुर—अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग आवागमन के लिये खोल दिया गया।

डूंगरपुर में स्थिति में सुधार, बंद उदयपुर—अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग आवागमन के लिए खुला
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डूंगरपुर हिंंसा

जयपुर। राजस्थान के हिंसा प्रभावित डूंगरपुर जिले में रविवार को प्रर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हुई सकारात्मक बैठक के बाद तनावग्रस्त क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ और बृहस्पतिवार से बंद उदयपुर—अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग आवागमन के लिये खोल दिया गया। पुलिस ने बताया कि शनिवार की शाम उपद्रवियों द्वारा की जा रही हिंसक घटनाओं में जानमाल की रक्षा के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा एवं गोलियां चलानी पड़ी। इसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई एवं दो व्यक्ति घायल हो गए। घायल दोनों व्यक्तियों की स्थिति खतरे से बाहर है । प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि 1,167 खाली सामान्य कोटे की सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी से भरी जाये। उदयपुर रेंज की पुलिस महानिरीक्षक बिनीता ठाकुर ने बताया कि रविवार को कुल मिलाकर स्थिति शांतिपूर्ण है। डूंगरपुर में राजमार्ग को आवागमन के लिये खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि हालांकि ऋषभदेव में कुछ लोग ने पहाडों पर चढ कर पथराव किया। इसी तरह की घटना झाडोल में भी हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस बल वहां भी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।

24 प्रकरण किए गए दर्ज

पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने एक बयान में बताया कि डूंगरपुर जिले में उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसक घटनाओं के मामलों में 24 प्रकरण दर्ज किए गए हैं । क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल एवं त्वरित कार्यबल तैनात किये गये हैं। सिंह ने बताया कि उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा के सिलसिले में उदयपुर एवं डूंगरपुर जिलों में कुल 24 मामले दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है । क्षेत्र में त्वरित कार्यबल की दो कंपनियां एवं आरएसी की छह कंपनियां भी तैनात की गई है। उन्होंने बताया कि शनिवार की शाम उपद्रवियों द्वारा की जा रही हिंसा में जानमाल की रक्षा के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा एवं गोलियां चलानी पड़ी । इसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई एवं दो व्यक्ति घायल हो गए। घायल दोनो व्यक्तियों की स्थिति खतरे से बाहर है । उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है एवं शांति व्यवस्था की बहाली के लिए व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। पुलिस नियंत्रण कक्ष ने बताया कि डूंगरपुर राजमार्ग को बंद करने लिये प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाये गये पत्थर और अन्य अवरोधकों को हटाया जा रहा है ताकि आवागमन का संचालन सुचारू रूप से हो सके। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के 20 किलोमीटर तक कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पत्थर और बडे अवरोधकों को लगाकर आवागमन बंद कर दिया था। उदयपुर के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा ने बताया कि राजमार्ग पर सोमवार से यातायात शुरू हो जायेगा। रविवार को सकारात्मक बैठक के बाद हम लोगो ने राजमार्ग तक पैदल मार्च किया और स्थिति की समीक्षा की। अब डूंगरपुर में स्थिति नियंत्रण में है।

क्या है पूरा मामला?

उल्लेखनीय है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) से जुडी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवा बृहस्पतिवार शाम को उग्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस दल पर पथराव किया और पुलिस वाहनों सहित 25 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। शुक्रवार को हिंसा के दौरान डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर प्रदर्शनकारियो ने पुलिस दल पर पथराव किया और कुछ बसों को आग लगा दी थी। एक पेट्रोल पंप पर लूटपाट भी की गयी थी। प्रशासन ने एहतियातन जिले में निषेधाज्ञा लगाते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। रविवार को खेरवाडा में समाज के नेताओं, प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल, स्थानीय जन प्रतिनिधियों पूर्व सांसदो, विभिन्न पार्टियों के विधायको, पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मुद्दे पर चर्चा की। बैठक के बाद जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने संवाददाताओं को बताया कि 'हमने प्रदर्शनकारियों से हिंसा रोकने और शांति बनाये रखने की अपील की है। हम सब चाहते है कि इस क्षेत्र में शांति कायम हो और हब सब शांति बनाये रखने के लिये यहां इकठ्ठे हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि बैठक में आमराय थी कि इस क्षेत्र में आगे से कोई आगे से किसी तरह का उपद्रव नहीं फैले और शांति बहाल हो। बैठक में क्षेत्र के दोनो लोकसभा सदस्यों, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री सहित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बिगडती कानून व्यवस्था की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने शनिवार रात पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम एन और जयपुर पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव को डूंगरपुर भेजा था। शांति बहाल करने के लिये रविवार को दिनेश एमएन और अन्य अधिकारियों ने भी राजमार्ग पर मार्च किया।

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