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फोन टैपिंग मामला : सिंघवी का भाजपा पर कटाक्ष, बोले- सच्चाई दबाने के लिए की जा रही सीबीआई जांच की मांग

राजस्थान में राजनीति के गलियारे में शोर शराबा जमकर हो रहा है। आरोप प्रत्यारोप का दौर खूब जोरों पर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की दूरियां बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता अभिषेक मनू सिंघवी ने फोन टैपिंग मामले में भाजपा पर कटाक्ष किया है। सिंघवी ने कहा है कि भाजपा ने यह मांग सच्चाई को दबाने और क्लीन चिट देने के लिए की है।

फोन टैपिंग मामला : सिंघवी का भाजपा पर कटाक्ष, बोले- सच्चाई दबाने के लिए की जा रही सीबीआई जांच की मांग
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अभिषेक मनू सिंघवी

नई दिल्ली। राजस्थान में राजनीति के गलियारे में शोर शराबा जमकर हो रहा है। आरोप प्रत्यारोप का दौर खूब जोरों पर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की दूरियां बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता अभिषेक मनू सिंघवी ने फोन टैपिंग मामले में भाजपा पर कटाक्ष किया है। सिंघवी ने कहा है कि भाजपा ने यह मांग सच्चाई को दबाने और क्लीन चिट देने के लिए की है। रविवार को अभिषेक मनू सिंघवी ने ट्वीट कर भाजपा पर कटाक्ष किया।

सिंघवी ने ट्वीट करके कहा कि केंद्रीय मंत्री समेत राजस्थान के विधायकों और हॉर्स ट्रेडिंग और सरकार गिराने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले मे एफआइआर दर्ज हो गई है और पुलिस जांच जारी है। इसमें बाधा डालने के लिए भाजपा ने सुविधा अनुसार सीबीआइ जांच की मांग की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय भी इसमें कूद गया है। क्या क्लीन चिट देने और सच्चाई को दबाने के लिए मामले की जांच सीबीआइ के सौंप दी जाएगी!

सूत्रों के अनुसार शनिवार को जानकारी दी कि गृह मंत्रालय ने राजस्थान के मुख्य सचिव से राज्य में फोन-टैपिंग मुद्दे पर एक रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले शनिवार को भाजपा ने राजस्थान राजनीतिक संकट के संबंध में फोन टैपिंग के मामले की सीबीआइ जांच की मांग की थी और इसे लेकर कई सवाल उठाए थे कि क्या कांग्रेस फोन टैपिंग में लिप्त है?

संबित पात्रा ने की थी सीबीआई जांच की मांग

बता दें कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग करते हैं, चाहे फोन टैपिंग हुई हो या एसओपी का पालन किया गया हो। क्या राजस्थान में आपातकालीन स्थिति है? क्या सभी राजनीतिक दलों को इस तरह से निशाना बनाया जा रहा है? राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए कि क्या वह फोन टैपिंग में लिप्त है? मुख्यमंत्री और उनके अन्य नेता कह रहे हैं कि ऑडियो प्रामाणित है, जबकि एफआइआर में इसका जिक्र कथित तौर पर किया गया है।

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