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राजस्थान में इस दिन से खुलेंगे पिछले नौ महीनों से बंद स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर, गहलोत बोले- नया स्ट्रेन चिंता का विषय

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य में स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान कोविड-19 लॉकडाउन के कारण लगभग नौ महीनों तक बंद रहने के बाद 18 जनवरी से फिर से खोलने का निर्णय लिया।

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प्रतीकात्मक फोटो

जयपुर। राजस्थान में कोरोना वायरस का प्रकोप कुछ कम हो गया है। यहां कोरोना को लेकर स्थिति में सुधार देखा जा रहा है। इस बीमारी पर कुछ हदतक नियंत्रण पाने की वजह से प्रदेश सरकार की परेशानी कुछ कम हुई है। यही वजह है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य में स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान कोविड-19 लॉकडाउन के कारण लगभग नौ महीनों तक बंद रहने के बाद 18 जनवरी से फिर से खोलने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान नौंवी से 12वीं तक के स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया।

कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर जताई चिंता

गहलोत ने कहा कि देश और प्रदेश में कोविड-19 के नये स्वरूप (स्ट्रेन) के मामले सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इसके प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए इस वायरस से अत्यधिक प्रभावित ब्रिटेन सहित अन्य देशो से प्रदेश में आए यात्रियों पर विशेष नजर रखी जाए। इन यात्रियों की कोविड जांच एवं सघन स्क्रीनिंग की जाए। गहलोत मंगलवार को कोविड-19 की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वायरस के नये स्वरूप के कारण ब्रिटेन में जिस तरह की भयावह स्थिति पैदा हो गई है और वहां फिर लॉकडाउन लगाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे सबक लेते हुए हमें विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि नये स्ट्रेन को लेकर प्रदेश की ओर से केन्द्र सरकार को आवश्यक सुझाव जल्द भेजे जाएं।

शिक्षण संस्थानों को इन बातों का रखना होगा ख्याल-

-सोशल डिस्टेंस की व्यवस्था करें, पालना कराएं

-मास्क अनिवार्यत: लगाएं

-अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखें

-संस्थान का संचालन केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही हो

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