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राजस्थान में जल्द खुल सकते हैं स्कूल व कॉलेज! कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच लगाई जाएंगी ये शर्तें

राज्य में शिक्षण संस्थाओं को खोलने को लेकर गठित मंत्री समूह में आम सहमति बन गई है। मंत्री समूह अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपनी रिपोर्ट सौपेंगा। उसके बाद राज्य में स्कूल खोलने पर सीएम गहलोत निर्णय लेंगे।

राजस्थान में जल्द खुल सकते हैं स्कूल व कॉलेज! कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच लगाई जाएंगी ये शर्तें
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राजस्थान स्कूल कॉलेज

जयपुर। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। प्रदेश में इस कोरोना की दूसरी लहर का खतरा अब टल गया है मगर तीसरी ने अभी परेशानियां बढ़ाई हुई हैं। वहीं कोरोना संक्रमितों के गिरते ग्राफ के बीच सरकार की तरफ से बड़ा ऐलान होने वाला है। राज्य में शिक्षण संस्थाओं को खोलने (Schools open) को लेकर गठित मंत्री समूह (Group of ministers) में आम सहमति बन गई है। मंत्री समूह अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) को अपनी रिपोर्ट सौपेंगा। उसके बाद राज्य में स्कूल खोलने पर सीएम गहलोत निर्णय लेंगे। मंत्री समूह की बैठक के बाद शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने कहा कि बैठक में बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर ज्यादा जोर रहा है। स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए सभी मंत्री सहमत नजर आए हैं। फिलहाल छोटे बच्चों स्कूल से छूट दी जा सकती है।

क्या बोले शिक्षा मंत्री

शिक्षा राज्यमंत्री डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने कहा कि मंत्री समूह (group of ministers) ने अन्य राज्यों के शिक्षण संस्थाओं का अध्ययन, तीसरी लहर की आशंका (Corona virus third wave) और ICMR की रिपोर्ट के तमाम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की है। उसके बाद मंत्री समूह ने गाइडलाइन (Guidelines) पर अपनी मुहर लगा दी है। राजस्थान में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच पहले कोचिंग (Coaching) और कॉलेज (Colleges) 15 अगस्त तक खोले जा सकते हैं।

ये शर्तें होंगी लागू

सूत्रों की मानें तो बड़े बच्चे जो 18 वर्ष से अधिक के उम्र हैं उनको Vaccine की पहली डोज या दोनों डोज लगाने की स्थिति में College या Coaching बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही कॉलेज और Coaching centers पर भी स्टाफ के सभी सदस्यों को वैक्सीन की डोज लगाने का नियम लागू किया जा सकता है। हालांकि बच्चों को कॉलेज या कोचिंग भेजना है या नहीं भेजना इस पर परिजनों की सहमति जरूरी होगी। अगर कोई परिजन बच्चे को कोचिंग या कॉलेज नहीं भेजते तो उन्हें बाध्य नहीं किया जाएगा।

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