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राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव : गहलोत बोले- कांग्रेसी उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं, विकास के लिए जोड़ें कड़ी से कड़ी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय के चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की है। गहलोत ने कहा कि ऐसा अनुभव है कि जब-जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही है तब कच्ची बस्तियों से लेकर कस्बों तक का समुचित विकास हुआ है।

राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव : गहलोत बोले- कांग्रेसी उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं, विकास के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ें
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राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव

जयपुर। राजस्थान में 28 जनवरी को 90 नगरीय निकाय के चनुाव होने वाले हैं। इन चुनावों को लेकर प्रदेश में तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय के चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की है। गहलोत ने कहा कि ऐसा अनुभव है कि जब-जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही है तब कच्ची बस्तियों से लेकर कस्बों तक का समुचित विकास हुआ है। प्रशासन शहरों के संग अभियान बेहद सफल रहे हैं जिनसे लाखों लोगों की समस्याओं का निदान हुआ है।

'प्रशासन शहरों के संग' जैसे अभियानों की सफलता का जिक्र करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा कि बढ़ती आबादी के युग में भी कांग्रेस पाटी ने शहरों का सर्वांगीण विकास किया है। उल्‍लेखनीय है कि राज्‍य के 20 जिलों की 90 नगर निकायों (एक नगर निगम, नौ नगर परिषद और 80 नगर पालिका) में 28 जनवरी को मतदान होगा तथा मतगणना 31 जनवरी को होगी। गहलोत ने बयान में अपील की है कि जनता इन चुनावों में दोबारा समर्थन देकर कांग्रेस के बोर्ड बनाए और अपने कस्‍बों और शहरों में विकास के लिए कड़ी से कड़ी जोड़े।

भाजपा पर जमकर बोला हमला

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न समस्याओं को दूर कर प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कृतसंकल्प है। गहलोत ने कहा कि ये नहीं भूलना चाहिए कि बीजेपी ने पंचायतीराज चुनाव के नतीजों पर संख्या बल के आधार पर प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर पर जीत का ढिंढोरा पीटा लेकिन जब परिणाम सामने आए तो यह झूठ सामने आ गया। कांग्रेस ने बीजेपी के बराबर 98 प्रधान बनाए। पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत भी बीजेपी से ज्यादा था। गहलोत ने कहा जब प्रदेश की सरकार और कांग्रेस का संगठन कोरोना प्रबंधन में लगा हुआ था तब बीजेपी नेताओं ने सहयोग करने की बजाय गांवों में जाकर भ्रामक प्रचार किया जिसके कारण जनता को गुमराह करने में सफल हो गए। लेकिन इनके 15 दिन बाद ही हुए 50 नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी की पोल खोल गई। बीजेपी के जीते पार्षदों की संख्या कांग्रेस और निर्दलीयों से भी कम रही। बीजेपी तीसरे स्थान पर पहुंच गई। कांग्रेस ने 50 में से 38 निकायों में बोर्ड बनाया। अब 28 जनवरी के चुनाव में भी जनता पुन: कांग्रेस को आशीर्वाद और बीजेपी को शिकस्त देगी।

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