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Rajasthan Mausam Ki Jankari : मौसम ने ली करवट, मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए जारी किया आंधी, बरसात व ओलावृष्टि का अलर्ट

नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से आगामी दिनों में प्रदेश के शेखावाटी सहित ज्यादातर इलाकों में फिर से आंधी व बरसात होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 11 से 13 मई तक विक्षोभ ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

Rajasthan Mausam Ki Jankari : मौसम ने ली करवट, मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए जारी किया आंधी, बरसात व ओलावृष्टि का अलर्ट
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राजस्थान मौसम की जानकारी

जयपुर। राजस्थान में पिछले दो दिन से पड़ रही गर्मी के बाद अब फिर से मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में अधिकतर इलाकों के लिए आंधी, बरसात व ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से आगामी दिनों में प्रदेश के शेखावाटी सहित ज्यादातर इलाकों में फिर से आंधी व बरसात होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 11 से 13 मई तक विक्षोभ ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण पश्चिम राजस्थान व आसपास के पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर एक प्रेरित परिसंचरण तंत्र बना हुआ है जिसका विस्तार सतह से 0.9 किमी ऊपर तक है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में सतह से 3.1 व 5.8 किमी के बीच अपनी धुरी के साथ स्थित है। जो 11 मई से राजस्थान सहित उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस तंत्र के प्रभाव से आगामी एक सप्ताह के दौरान राज्य के कुछ भागों में आंधी व बरसात की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। जिसका सबसे ज्यादा असर 11 से 13 मई तक रहेगा।

यहां के लिए जारी किया गया अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार आने वाली 13 मई तक जयपुर, भरतपुर, कोटा, बीकानेर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन बिजली चमकने के साथ अचानक 30 से 40 किलोमीटर गति की हवा चलने की संभावना है। कहीं-कहीं मेघ गर्जन व बिजली चमकने के साथ अचानक तेज हवाओं का झोंका चलने की संभावना है।

मौसम बदलने से किसान चिंतित

आए दिन बूंदाबांदी, अंधड के कारण शेखावाटी में किसान खासे चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बार-बार बदलते मौसम के कारण खरीफ सीजन में होने वाली फसलों पर असर पड़ेगा। अप्रेल, मई, जून में तेज गर्मी पर ही खरीफ फसलों का उत्पादन निर्भर करता है। लेकिन इस बार मौसम में बदलाव के कारण तापमान असमान हो रहा है। बार-बार बदलते मौसम से तपन कम होने से जमीन में मौजूद कीट नष्ट नहीं हो पा रहे। खरीफ फसल की जुताई में भी परेशानी हो रही है।

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