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आवेदन व रजिस्ट्रेशन का झंझट खत्म, अब बिना लाइसेंस फीस के घर बैठे मिलेगी शराब की दुकान

राजस्थान में शराब की दुकान खोलने के लिए आवेदन व रजिस्ट्रेशन (Registration) का झंझट भी नहीं होगा। लेकिन शराब की दुकान खोलने के लिए अधिक मात्रा धन होना जरूरी होगा ताकि वह अधिक से अधिक बोली लगाकर दुकान अपने नाम कर सके।

आवेदन व रजिस्ट्रेशन का झंझट खत्म, अब बिना लाइसेंस फीस के घर बैठे मिलेगी शराब की दुकान
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 बिना लाइसेंस फीस के घर बैठे मिलेगी शराब की दुकान

सीकर। राजस्थान में नई आबकारी नीति (Excise policy) के तहत अब शराब की दुकानें (liquor Shop) खोलना बेहद आसान हो गया है। नई नीति के तहत अब राज्य में शराब की दुकानें बिना लाइसेंस फीस (Licence Fees) व पेनल्टी (Penalty) के मिलेंगी। शराब की दुकान खोलने के लिए आवेदन व रजिस्ट्रेशन (Registration) का झंझट भी नहीं होगा। लेकिन शराब की दुकान खोलने के लिए अधिक मात्रा में धन होना जरूरी होगा ताकि वह अधिक से अधिक बोली लगाकर दुकान अपने नाम कर सके।

23 फरवरी से होगी ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया

इसके लिए सीकर जिले की 337 दुकानों पर 23 से 27 फरवरी तक ऑनलाइन ही नीलामी प्रक्रिया से आवंटित की जाएगी। जिसमें बोली सुबह 11 बजे से 4 बजे तक लगाई जा सकेगी। जिले में 5 सर्किल है। रोजाना नीलामी में सर्किल शामिल किए जाएगें। फिलहाल विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। आबकारी अधिकारी आदराम दहिया ने बताया कि नई पॉलिसी के तहत लाइसेंस फीस और पैनल्टी को खत्म किया है। पहले 11800 रुपए रजिस्टे्रशन चार्ज लगता था। वह समाप्त कर दिया है। अब विभाग के पास आकर फार्म भरने का झंझट नहीं रहेगा। रजिस्ट्रेशन फीस भी बंद कर दी गई है। इसके स्थान पर आवेदन शुल्क लिया जाएगा।

घर बैठे नीलामी में बोली लगाकर दुकान होगी आपके नाम

विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर घर बैठे ही दुकान की नीलामी प्रक्रिया में बोली लगाई जा सकेगी। नीलामी में बोली चलने पर चार दिनों तक प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी में कोविड सरचार्ज खत्म किया है। बीयर दुकानों पर सालाना फीस व बीयर के एनुलाइज्द बिल पर 7 प्रतिशत कम्पोजिट फीस खत्म की गई है। दुकानों के लिए पहले जमा होने वाली राशि में 14.5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत घटाया है। देशी शराब और आरएमएल पर आबकारी डयूटी 175 व 185 प्रति एलपीएल व बेसिक लाइसेंस फीस को 44 व 105 रुपए बल्क लीटर किया है। एक व्यक्ति को जिले में दो दुकान व राज्य में पांच से अधिक दुकानें नहीं दी जाएगी।

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