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गुर्जर आरक्षण संबंधी समिति की बैठक, सरकार ने तीन प्रमुख मांगों का माना, फिर भी एक नवंबर को होगा आंदोलन

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तावित आन्दोलन के मद्देनजर बृहस्पतिवार को यहां मंत्रिमण्डलीय समिति की बैठक हुई। इस बैठक में राज्य सरकार ने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया।

गुर्जर आरक्षण संबंधी समिति की बैठक, सरकार ने तीन प्रमुख मांगों मानी, फिर भी एक नवंबर को होगा आंदोलन
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गुर्जर आंदोलन

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तावित आन्दोलन के मद्देनजर बृहस्पतिवार को यहां मंत्रिमण्डलीय समिति की बैठक हुई। इस बैठक में राज्य सरकार ने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया। युवा मामले व खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि बैठक में संघर्ष समिति की मांगों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श करके तीन प्रमुख बिन्दुओं पर निर्णय किया गया। इन मांगों को मानने के बाद भी एमबीसी वर्ग को पांच प्रतिशत आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार और गुर्जरों के बीच गतिरोध बरकरार है।

गुर्जरों के एक नवम्बर से आन्दोलन के अल्टीमेटम को देखते हुए भले ही सरकार ने गुरुवार को तीन महत्वपूर्ण मांगें पूरी करने के सन्दर्भ में घोषणाएं कर दी, पर गुर्जर समाज अब भी आन्दोलन को स्थगित करने के मूड में नहीं दिख रहा है। गुर्जर नेताओं का मानना है कि सरकार ने उनकी आधी-अधूरी मांगों पर ही घोषणाएं की हैं। ऐसे में एक नवम्बर को गुर्जर प्रस्तावित आन्दोलन के तहत एक नवम्बर को भरतपुर के पीलूपुरा में गुर्जरों का जुटना तय माना जा रहा है।

चांदना ने बताया कि इसके तहत अति पिछड़ा वर्ग के जिन 1252 अभ्यर्थियों का परिवीक्षाकाल पूर्ण हो चुका है उन सभी अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा परिवीक्षावधि पूर्ण होने पर 'रेगुलर पे-स्केल' दी जाएगी। वहीं अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण से संबंधित प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक बार फिर केंद्र सरकार को तत्काल लिखा जाएगा। इसके साथ ही चांदना ने कहा कि गुर्जर आंदोलन के दौरान घायल हुए जिन तीन लोगों की बाद के वर्षों में मौत हो गयी थी, उनके परिवारों को सामाजिक स्तर पर सहायता जुटाकर पांच पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने अपनी मांगें नहीं माने जाने पर एक नवंबर से फिर आंदोलन की घोषणा की हुई है। इसी के मद्देनजर आज बैठक हुई। संघर्ष समिति के सदस्यों को भी बैठक में बुलाया गया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। वहीं समिति ने एक बार फिर दोहराया है कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के लिए बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं। बैठक में चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, प्रमुख गृह सचिव अभय कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़ भी शामिल हुए।

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