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राजस्थान में फिर उठी गुर्जर आरक्षण की मांग, 17 अक्टूबर को भरतपुर में होगी महापंचायत

राजस्थान में गुर्जर आरक्षण की एक बार फिर से मांग उठ सकती है। आरक्षण की मांग को लेकर शनिवार को भरतपुर जिले के पीलूपुरा क्षेत्र में स्थित अड्डा गांव में सभी गूर्जरों के जुटने की खबर आ रही है। इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार भी सतर्क हो गई है।

राजस्थान में फिर उठी गुर्जर आरक्षण की मांग, 17 अक्टूबर को भरतपुर में होगी महापंचायत
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गुर्जर आरक्षण

करौली। राजस्थान में गुर्जर आरक्षण की एक बार फिर से मांग उठ सकती है। आरक्षण की मांग को लेकर शनिवार को भरतपुर जिले के पीलूपुरा क्षेत्र में स्थित अड्डा गांव में सभी गूर्जरों के जुटने की खबर आ रही है। इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार भी सतर्क हो गई है। बता दें कि आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज के लोग प्रदेश सरकार से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में 17 अक्टूबर को गूर्जरों के महापंचायत की खबरों से राज्य सरकार के लिए चिंता की लकीरें जरूर दिख रही हैं। पूर्व में यह महापंचायत 17 अक्टूबर को सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर गांव में आयोजित किया जाना प्रस्तावित था। अब इसका स्थान बदल दिया गया है। वहीं, गुर्जर नेताओं के बढ़ते मूवमेंट को देखते हुए राज्य सरकार भी सतर्क हो गई है। गौरतलब है कि कर्नल बैंसला ने गुर्जर आन्दोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 17 अक्टूबर को सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में महापंचायत बुलाई थी। लेकिन बुधवार को महापंचायत के स्थान में बदलाव करते हुए उसे अब भरतपुर के पीलुकापुरा में बुलाया गया है। स्थान बदलाव क्यों किया गया है इस बारे में स्थिति साफ़ नहीं हो सकी है।

गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने बुधवार को हिण्डौन स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य सरकार आरक्षण मामले को लेकर गंभीर नहीं है। बैंसला ने आरोप लगाया कि गुर्जर समाज आरक्षण मामले को 9वीं अनुसूची में डालने, बैकलॉग भर्तियां भरने और प्रक्रियाधीन भर्ती में एमबीसी को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की बात कई बार राज्य सरकार से कर चुका है। वहीं, पूर्व में आंदोलन के दौरान मारे गये समाज के लोगों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने, मुकदमों को वापस लेने और पूर्व में दी गई नौकरियों के नियमितकरण सहित कई मांगों को लेकर सरकार के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। बैंसला ने सरकार पर इस मामले ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे गुर्जर समाज में भारी रोष व्याप्त है।

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