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राजस्थान में कृषि विधेयकों के विरोध में तीन जनवरी से धरने पर बैठेगी कांग्रेस, किसानों के समर्थन में गांव-गांव जाकर चलाएंगे अभियान

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिमंडलीय बैठक में कोविड, किसानों की बिजली के मुद्दे, बजट की तैयारियों, तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव और आगे की योजना और कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार बैठक में दो साल के कार्यकाल की समीक्षा करने के बाद सभी मंत्रियों से उनके अपने विभागों की समीक्षा करने के लिये कहा गया है कि नए साल में घोषणा पत्र के अनुसार क्या-क्या कार्यक्रम हाथ में लेने हैं।

राजस्थान में कृषि विधेयकों के विरोध में तीन जनवरी से धरने पर बैठेगी कांग्रेस, किसानों के समर्थन में गांव गांव जाकर चलाएंगे अभियान
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राजस्थान कांग्रेस धरना

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि विधेयकों के विरोध में विपक्ष खुलकर किसानों के समर्थन में आ गया है। कई राज्यों में तो केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति भी बना ली गई है। राजस्थान में कांग्रेस खुलकर किसानों के समर्थन में उतर गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिमंडलीय बैठक में कोविड, किसानों की बिजली के मुद्दे, बजट की तैयारियों, तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव और आगे की योजना और कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार बैठक में दो साल के कार्यकाल की समीक्षा करने के बाद सभी मंत्रियों से उनके अपने विभागों की समीक्षा करने के लिये कहा गया है कि नए साल में घोषणा पत्र के अनुसार क्या-क्या कार्यक्रम हाथ में लेने हैं।

सूत्रों के अनुसार मंत्रीमंडलीय बैठक में देश के किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में तीन जनवरी को धरना आयोजित करने का निर्णय किया गया। बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानून को वापस लेने की मांग के समर्थन में 5 जनवरी से मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सप्ताहभर तक गांव-गांव जाकर 'किसान बचाओ-देश बचाओ' अभियान चलाने का फैसला किया है।

बैठक में कृषि कानूनों को लेकर प्रदेश के तीन संशोधन विधेयक और पांच एकड़ तक जमीन वाले किसानों की जमीन को कुर्की से बचाने वाले विधेयक को अभी तक आगे नहीं भेजा गया इसलिए भी तीन जनवरी को धरने का फैसला लिया गया है।

कांग्रेस पार्टी की ओर से तीन जनवरी को इसलिए भी धरना दिया जाएगा कि राज्य में केन्द्रीय कृषि कानूनों को देखते हुए लाए गए तीन संशोधन विधेयक और 5 एकड़ तक जमीन वाले किसानों की जमीन को कुर्की से बचाने वाले विधेयक को अभी तक आगे नहीं भेजा गया। धरने के जरिए इसका का विरोध जताया जाएगा। मंत्रिपरिषद की बैठक में कोविड, किसानों की बिजली के मुद्दे, बजट की तैयारियों, तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव और आगे की योजना और कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। साथ ही सभी मंत्रियों से अपने अपने विभागों में दो साल का रिव्यू करके करने के लिए कहा गया। साथ ही यह तय करने के लिए भी कहा गया कि कांग्रेस घोषणा पत्र के कौन कौन से कार्यक्रम उन्हें नए साल में हाथ में लेने है।

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