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कृषि विधेयकों को लेकर और गरमाई राजनीति : कांग्रेस सोमवार से चलाएगी किसान संवाद कार्यक्रम, भाजपा बोली- जनता में भ्रम फैलाने की हो रही कोशिश

द्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि विधेयकों को लेकर पूरे देश में माहौल गरमाया हुआ है। किसान तो इन विधेयकों के खिलाफ सड़‍कों पर उतर बवाल काट ही रहे हैं साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी खूब शोर मचा हुआ है। विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

कृषि विधेयकों को लेकर और गरमाई राजनीति : कांग्रेस सोमवार से चलाएगी किसान संवाद कार्यक्रम, भाजपा बोली- जनता में भ्रम फैलाने की हो रही कोशिश
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 किसान संवाद कार्यक्रम

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि विधेयकों को लेकर पूरे देश में माहौल गरमाया हुआ है। किसान तो इन विधेयकों के खिलाफ सड़‍कों पर उतर बवाल काट ही रहे हैं साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी खूब शोर मचा हुआ है। विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। अब राजस्थान में कांग्रेस के स्‍थापना दिवस, 28 दिसंबर, से पार्टी की प्रदेश इकाई राज्य में किसान संवाद कार्यक्रम चलाएगी और इसके तहत केंद्र के नये कृषि कानूनों की कथित खामियों से किसानों को अवगत कराएगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस के स्थापना दिवस 28 दिसंबर से राज्‍य भर में किसान संवाद कार्यकम चलाएगी। उन्‍होंने कहा कि इस कार्यक्रम में पार्टी के नेता और कार्यकर्त्ता किसानों को घर-घर जाकर केंद्र के तीन काले (कृषि) कानूनों के बारे में अवगत कराएंगे। उन्होंने राज्‍य में कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर यहां मीडिया संवाद में कहा कि हम 28 दिसंबर से 'जय जवान जय किसान' नारा बोलते हुए किसानों के साथ किसान संवाद कार्यक्रम चलाएंगे और किसानों के साथ खड़े होकर उन्हें विश्वास दिलाएंगे कि कांग्रेस पार्टी इस संकट के समय में, केंद्र की (नरेंद्र) मोदी सरकार के अत्याचार के समय में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर केन्द्र द्वारा पारित कृषि कानूनों को लेकर किसानों और देश की जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। पूनिया ने कहा कि देश भर के किसान कृषि कानूनों के खिलाफ होने वाले किसान आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सभी किसान आंदोलन के समर्थक होते तो किसानों की संख्या सीमित नहीं होती। पूनियां ने शुक्रवार को आमेर विधानसभा क्षेत्र के महेशवास में किसान चौपाल में किसानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे है वो जल्द समझ जायेंगे कि कृषि कानून किसानों के हित में है।

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