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राजस्थान में कृषि विधेयकों का विरोध : कांग्रेस ने राज्यव्यापी प्रदर्शन किया, राज्य की अनाज मंडियां रही बंद

कांग्रेस की ओर से सोमवार को कृषि विधेयकों के विरोध में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वहीं राज्य की 247 अनाज मंडिया सोमवार को बंद रही।

राजस्थान में कृषि विधेयकों का विरोध : कांग्रेस ने राज्यव्यापी प्रदर्शन किया, राज्य की अनाज मंडियां रही बंद
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कांग्रेस का प्रदर्शन

जयपुर। राजस्थान में कृषि विधेयकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश में किसानों के साथ साथ राजनीतिक पार्टियां भी इन विधेयकों के खिलाफ आवाज बुलंद करने में लग गई हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से सोमवार को कृषि विधेयकों के विरोध में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वहीं राज्य की 247 अनाज मंडिया सोमवार को बंद रही। राज्य की राजधानी जयपुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अंतर सिंह नेहरा को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। डोटासरा ने ज्ञापन सौंपने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केन्द्र सरकार जो किसानों के लिये कानून लेकर आई है, वह किसान विरोधी कानून है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों से चर्चा नहीं की और आनन-फानन में किसान विरोधी ये तीनों कानून लेकर आई है।

डोटासरा बोले- हम किसानों के साथ कुठाराघात नहीं होने देंगे

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ कोई कुठाराघात नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि किसान को किसान नहीं रहने दिया जायेगा, मजदूर बना दिया जायेगा और बड़ी बड़ी कंपनियां किसान की जमीन और उनकी उपज पर कब्जा कर लेंगी और जमाखोरी को बढावा मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी और जीएसटी से लोग तंग आ चुके हैं और कोरोना महामारी और केन्द्र की विफलताओं के कारण देश में इन छह महीने में सवा दो करोड़ नौकरियां चली गई... अब ये काले कानून लाकर किसान को उसकी आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने केन्द्र सरकार पर किसान को मजदूर से भी बदतर स्थिति में लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जब-जब अन्नदाता किसान पर किसी भी सरकार ने हमला किया है उस सरकार को जाना पडा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंक के जरिये आप विधेयक पास करवा सकते हैं, लेकिन किसान का दिल नहीं जीत सकते.. अब आर-पार का संघर्ष होगा और इसमें किसान, मजदूर, व्यापारी,कर्मचारी और छात्र सब एक होकर लडेंगें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कांग्रेस की हो चाहे भाजपा की..जब संकट होता है महामारी होती है तो इस तरह का कोई काम नहीं किया जाता जिसपर विरोध हो। इस वक्त पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में तमाम हिन्दुस्तान में किसान सडकों पर आ गया है.. जो किसान सडको पर आया है उसको लाठी और गोली के दम पर आप नहीं दोडा सकते.... यदि कोरोना फैलेगा तो उसके लिये केन्द्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी।

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