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राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच कांगेस ने शुरू की 'लोकतंत्र के लिए आवाज उठाओ' मुहिम

राजस्थान में राजनीतिक उथल पुथल का दौर जारी है। यहां जारी सियासी रस्साकशी इस समय पूरे राष्ट्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी बीच राज्य में कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक परंपरा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यहां कांग्रेस ने राष्ट्रीय डिजिटल अभियान ‘लोकतंत्र के लिए आवाज उठाओ' (स्पीक अप फॉर डेमोक्रेसी) की शुरुआत की है।

राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच कांगेस ने शुरू की ‘लोकतंत्र के लिए आवाज उठाओ
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कांग्रेस अभियान

जयपुर। राजस्थान में राजनीतिक उथल पुथल का दौर जारी है। यहां जारी सियासी रस्साकशी इस समय पूरे राष्ट्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी बीच राज्य में कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक परंपरा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यहां कांग्रेस ने राष्ट्रीय डिजिटल अभियान 'लोकतंत्र के लिए आवाज उठाओ' (स्पीक अप फॉर डेमोक्रेसी) की शुरुआत की है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार कोरोना वायरस से निपटने के लिए सफलतापूर्वक कार्य कर रही है और अपने प्रबंधन से इस महामारी पर नियंत्रण का प्रयास कर रही है, जिसे वैश्विक स्तर पर भी सराहा गया है। ऐसे समय में राज्य की चुनी हुई सरकार को भाजपा अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके नेता लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी सरकारों को गिराने का षड्यंत्र रच रहे हैं। कोरोना वायरस संकट में सराहनीय कार्य कर रही राजस्थान कांग्रेस सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचना बंद करें।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए प्रभावी रूप से काम कर रही है। यहां तक कि प्रधानमंत्री ने भी उसके प्रयासों की सराहना की है। भाजपा और उसके नेता सरकार को गिराने का प्रयास क्यों कर रहे हैं? मैं कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र की जीत होगी और भाजपा का षड्यंत्र विफल होगा। जयपुर के एक होटल में कांग्रेस नेताओं के साथ ठहरे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पहले मध्यप्रदेश और अब राजस्थान में प्रजातंत्र की दिनदहाड़े हत्या का भाजपाई षड्यंत्र बेनक़ाब हो चुका है। उन्होंने कहा कि क्या प्रजातंत्र दिल्ली दरबार का दास है? क्या बहुमत दिल्ली के हाथों की कठपुतली है? क्या वोट के शासन के मायने नहीं हैं? अगर नहीं, तो मिल कर आवाज़ उठाएं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ बागी तेवर अपना लिए हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाग लेने संबंधी पार्टी व्हिप की अवहेलना की। 200 विधानसभा सदस्यों वाली विधानसभा में 19 असंतुष्ट विधायकों सहित कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 72 विधायक हैं।

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