Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सरकारी स्कूलों के बच्चे समझेंगे ब्रह्मांड का रहस्य : भिवानी जिले के दो स्कूलों में बन रही एस्ट्रोनॉमी लैब

जिला मुख्यालय पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल तथा कस्बा बवानीखेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एस्ट्रोनॉमी लैब तैयार करवाई जा रही है।

सरकारी स्कूलों के बच्चे समझेंगे ब्रह्मांड का रहस्य : भिवानी जिले के दो स्कूलों में बन रही एस्ट्रोनॉमी लैब
X

भिवानी : एस्ट्रोनोमी लैब का दृश्य।

हरिभूमि न्यूज : भिवानी

अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी ब्रह्मांड का रहस्य जानेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी ही महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। योजना के तहत जिला मुख्यालय पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल तथा कस्बा बवानीखेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एस्ट्रोनॉमी लैब तैयार करवाई जा रही है। ये लैब जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगीए जिसके बाद यहां पढऩे वाले बच्चे स्पेश साइंस की जानकारी हासिल करेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा भिवानी के बच्चों के लिए ऐसी योजना बनाई है, ताकि गरीब से गरीब घर का बच्चा भी ब्रहांड के रहस्य के बारे में जानकारी हासिल कर सके, जिससे उसकी नॉलेज बढ़े और जीवन में नई ऊंचाइयां छू सके।


बच्चों को नीरसपन भी होगा दूर

एस्ट्रोनॉमी लैब में बच्चे टेलीस्कॉप के द्वारा वायु मंडल, चांद,तारों को देख सकेंगे। बच्चे टिमटिमाते तारों के बारे में नई.नई जानकारी हासिल करेंगे। एक लैब मेें चार टेलीस्कॉप की सुविधा मुहैया करवाने की योजना है। इससे बच्चों का महत किताबी ज्ञान से हटकर एक तरह से नीरसपन भी दूर होगा और बच्चों में रोचकता बढ़ेगी। सामान्य ज्ञान बढने से बच्चों में प्रतिस्पधा की भावना भी विकसित होगी।

लैब में बच्चों को मिलेंगे उनके रहस्यों से संबंधित सवालों के जवाब

आमतौर पर बच्चों के मन में ब्रह्मांड के बारे में अनेक सवाल होते हैं। एस्ट्रोनॉमी लैब में बच्चों को ऐसे हर सवालों के जवाब मिलेंगे। इसके लिए लैब में 25 वकिंर्ग मॉडल होंगे, जिससे बच्चे जान सकेंगे कि आसमान का रंग नीला क्यो हैंघ् तारे क्यों चमकते हैं। चांद और सूरज कहां छिप जाते हैं, या फिर रात के समय आसमान काला क्यों दिखाई देता है।

प्रथम चरण में भिवानी और बवानीखेड़ा में लैब बनाने की योजना

योजनानुसार प्रथम चरण में भिवानी और बवानीखेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में लैब स्थापित करने की योजना है। उपायुक्त आरएस ढिल्लो के प्रयासों से बवानीखेड़ा में सीएसआर के फंड से लैब स्थापित की जा रही है तथा भिवानी स्कूल की लैब शिक्षा विभाग द्वारा ही तैयार करवाई जाएगी। यहां पर लैब स्थापित होने के पश्चात जिला प्रशासन जिला के प्रत्येक ब्लॉक में वहां पर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में लैब स्थापित करने पर योजना बनाएगा।

क्या कहते है उपायुक्त

इस बारे में उपायुक्त आरएस ढिल्लो ने बताया कि एस्ट्रोनॉमी लैब बच्चों के ज्ञानवर्धन मील का पत्थर साबित होगी। इससे बच्चे वे सारे सवालों का जवाब जानेंगेए जो चांद.सितारों व उपग्रहों को लेकर उनके मन में होते हैं। बवानीखेड़ा स्कूल में सीएसआर फंड से लैब स्थापित करवाई जा रही है। भिवानी मुख्यालय पर शिक्षा विभाग द्वारा लैब स्थापित करवाई जाएगी।

क्या कहते है सुशासन सहयोगी

इस बारे में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी गौरव सिरोही ने बताया कि जिले के स्कूलों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित करने की योजना की जिम्मेवारी उपायुक्त आरएस ढिल्लो द्वारा उनको सौंपी गई है। विश्व प्रसिद्ध स्पेस एंटरप्रेन्योर एलन मस्क से सामान्य नागरिकों और बच्चों के बीच ब्रह्मांड की शिक्षा ले जाने को प्रेरणा मिली है। आज जब हम मंगल ग्रह पर जीवन तलाशने की संभावनाएं देख रहे हैं तो बहुत जरूरी है कि हमारे बच्चों को इन विषयों को जानकारी हो। इन लैब के माध्यम से बच्चों को एस्ट्रोनॉट बनने और स्पेस इंजीनियर्स आदि बनने की भी प्रेरणा मिलेगी

क्या कहते है जिला शिक्षा अधिकारी

इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण ने बताया कि उपायुक्त आरएस ढिल्लो के प्रयासों व सोच से ही एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले सामान्य घरों के बच्चे भी स्पेश साईंस की जानकारी प्रेक्टिकल के तौर पर ले सकेंगे।

और पढ़ें
Next Story