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अब राजस्थान में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने की हड़ताल की घोषणा

केंद्रीय श्रम कोड, श्रम कानूनों में मज़दूर-विरोधी प्रावधानों और किसान-विरोधी प्रावधानों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से 26 नवम्बर को देशव्यापी आम हड़ताल की घोषणा की गई है।

9 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारीयों ने सम्पूर्ण राज्य में की हड़ताल
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 हड़ताल (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर। राजस्थान में पिछले कुछ समय से विभिन्न समुदायों की ओर से आंदोलनों व हड़तालों का दौर सरगर्म रहा है। यहां अभी हाल ही में गुर्जरों ने आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ रखा था। जिसको लेकर प्रदेश सरकार के साथ उनकी सहमति बनी और सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार भी कर लिया। पर अब प्रदेश सरकार के सामने एक और मसला खड़ा हो गया है। केंद्रीय श्रम कोड, श्रम कानूनों में मज़दूर-विरोधी प्रावधानों और किसान-विरोधी प्रावधानों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से 26 नवम्बर को देशव्यापी आम हड़ताल की घोषणा की गई है। ट्रेड यूनियन के आव्हान पर जयपुर में भी केंद्रीय श्रमिक संगठनों इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, राज.सीटू से सलंग्न बैंक, बीमा, विद्युत, इंजीनियरिंग, केंद्रीय कर्मचारी, रोडवेज, निर्माण मज़दूर सहित विभिन्न असंगठित क्षेत्र के प्रमुख पदाधिकारियों की मीटिंग हो चुकी है।

इस बैठक में आगामी रणनीति बनाई गई है। केंद्रीय श्रमिक संगठन के नेता मुकेश माथुर, डी के छंगाणी का कहना कहा कि 26 नवंबर की हड़ताल को सफल बनाने के लिए जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रत्येक सेक्टर पर सभी श्रमिक संगठन आपसी समन्वय करके तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से मजदूर-किसान विरोधी कानूनों को रदद् करने, न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपए करवाने, निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की जा रही है। बता दें कि जयपुर में भी केंद्रीय श्रमिक संगठनों इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, राज.सीटू से सलंग्न बैंक, बीमा, विद्युत, इंजीनियरिंग, केंद्रीय कर्मचारी, रोडवेज, निर्माण मज़दूर सहित विभिन्न असंगठित क्षेत्र के प्रमुख पदाधिकारियों की मीटिंग हो चुकी है।

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