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बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय : राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- विधानसभा अध्यक्ष करें मामले का निस्तारण

राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा है कि विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी इस मामले का निस्तारण करें। हाईकोर्ट ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के विधायकों के कांग्रेस में विलय के बारे में फैसला करें।

बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय : राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- विधानसभा अध्यक्ष करें मामले का निस्तारण
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राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान में पिछले काफी लंबे समय से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम चल रहा था। हालांकि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं में जो मतभेद थे वो अब दूर हो गए हैं। वहीं सियासी संकट के बीच बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय का मामले ने भी खूब सुर्खियां बटौरी थीं। अब राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है। राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा है कि विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी इस मामले का निस्तारण करें। हाईकोर्ट ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के विधायकों के कांग्रेस में विलय के बारे में फैसला करें।

इस मामले को लेकर बसपा और बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पिछले दिनों ही इस मामले में सुनवाई पूरी हुई थी। लेकिन उसके बाद हाईकोर्ट में कोरोना संक्रमण के केस आने के कारण कार्य स्थगित कर दिया गया था। इसलिए फैसला नहीं सुनाया जा सका था। फिलहाल कांग्रेस के अंदर झगड़ा शांत हो गया है तो इस मामले को भी एक तरह से बिना फैसला दिए हुए भविष्य के लिए खुला रखा गया है कि आगे विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर राजस्थान हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है। गौरतलब है कि स्पीकर ने कहा था कि उन्होंने इस मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं किया है और इससे पहले कोर्ट अपना फैसला नहीं सुना सकता।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल 15वीं विधानसभा के लिए बसपा के टिकट पर चुनाव जीत आए सभी 6 विधायकों ने गत वर्ष 16 सितंबर को स्पीकर डॉ. सीपी जोशी के सामने कांग्रेस में शामिल होने के लिए एक अपना प्रार्थना पत्र दिया था। विधानसभा स्पीकर ने उस प्रार्थना-पत्र को स्वीकार कर 18 सितम्बर 2019 को बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को मंजूरी दे दी थी। इस विलय को बसपा और बीजेपी विधायक मदन दिलवार अवैधानिक बताते हुए इसे लेकर हाईकोर्ट के एकलपीठ में चुनौती दी। उस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 30 जुलाई को विधानसभा स्पीकर सहित बसपा के सभी 6 विधायकों को नोटिस जारी किये थे।

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