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गहलोत सरकार ने आरक्षित वर्गों के छात्रों को दी बड़ी राहत, अब आवासीय सुविधा के लिए मिलेंगे वाउचर, जानें कैसे मिलेगा फायदा

इस योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न आरक्षित वर्गों के कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को राज्य सरकार अपने घर से दूर शहरी क्षेत्रों में रहने के लिए आवासीय सुविधा हेतु वाउचर उपलब्ध करवाएगी।

गहलोत सरकार ने आरक्षित वर्गों के छात्रों को दी बड़ी राहत, अब आवासीय सुविधा के लिए मिलेंगे वाउचर, जानें कैसे मिलेगा फायदा
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आम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना 

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने एससी (SC), एसटी (ST), ओबीसी (OBC), एमबीसी (MBC) तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग (EWS Category) के विद्यार्थियों के लिए आम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना (Ambedkar DBT Voucher Scheme) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न आरक्षित वर्गों के कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को राज्य सरकार अपने घर से दूर शहरी क्षेत्रों में रहने के लिए आवासीय सुविधा हेतु वाउचर उपलब्ध करवाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, पिछली परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले कुल 5 हजार छात्रों को मेरिट के आधार पर वर्ष में 10 माह के लिए डीबीटी वाउचर दिए जाएंगे।

सरकारी बयान के अनुसार, योजना के तहत लाभार्थी छात्रों को संभागीय मुख्यालयों पर आवासीय सुविधा के लिए प्रति छात्र 7 हजार रुपए प्रतिमाह तथा अन्य जिला मुख्यालयों के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह देय होंगे। राज्य बजट 2021-22 में की गई घोषणा के क्रम में आम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना शैक्षणिक सत्र 2021-22 में ही प्रारंभ हो जाएगी। राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में नियमित रूप से अध्ययनरत छात्र ही योजना के लिए पात्र होंगे। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे विद्यार्थी योजना के पात्र नहीं होंगे।

गहलोत सरकार ने इसी वर्ष बजट में की थी घोषणा

सीएम अशोक गहलोत ने इस बार के बजट में इस योजना की घोषणा की थी। इसी शैक्षणिक-सत्र से यह योजना शुरू भी हो जाएगी। राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में नियमित रूप से अध्ययनरत स्डूटेंड्स ही योजना के लिए पात्र होंगे। राज्य सरकार की ओर से संचालित छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे स्डूटेंड्स इस योजना के पात्र नहीं होंगे। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जो परिवार से दूर रहकर स्नातक अथवा स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं।

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