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गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर की मांग- राष्ट्रीय आपदा घोषित हो टिड्डी प्रकोप

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के अनेक राज्यों को प्रभावि करने वाले टिड्डी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। गहलोत ने मांग की है कि टिड्डी का प्रकोप राष्ट्रीय आपदा घोषित हो।

गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर की मांग- राष्ट्रीय आपदा घोषित हो टिड्डी प्रकोप
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गहलोत मोदी

जयपुर। आज के दौर में कोई न कोई बड़ी आपदा लोगों का पीछा ही नहीं छोड़ रही है। पहले कोरोना का आतंक खत्म भी नहीं हुआ था कि टिडि्डयों के प्रकोप ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है। इसी को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के अनेक राज्यों को प्रभावि करने वाले टिड्डी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। गहलोत ने मांग की है कि टिड्डी का प्रकोप राष्ट्रीय आपदा घोषित हो। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि टिड्डी प्रकोप एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है जिस पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करे। गहलोत ने पत्र में लिखा है कि राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इस वर्ष खरीफ और इस वर्ष तथा अगले वर्ष रबी की फसलों में होने वाले संभावित नुकसान, कोरोना महामारी के कारण राज्यों की कमजोर आर्थिक स्थिति तथा किसानों के हित में यह निर्णय किया जाना उचित होगा। इससे टिड्डी प्रकोप से निपटने के लिए राज्यों की क्षमता और सुदृढ़ होगी।

33 में से 32 जिले हुए प्रभावित

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि इस वर्ष राज्य में 11 अप्रैल से टिड्डियां आनी शुरू हुई और 33 में से 32 जिले इसके प्रकोप से प्रभावित हुए हैं। इस वर्ष राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी टिड्डियों का प्रकोप हुआ है। अब यह समस्या बहुराज्यीय समस्या बन चुकी है। देश में इतने बड़े पैमाने पर टिड्डी का प्रकोप कई दशकों बाद देखा गया है। ऐसे में इस समस्या को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना सभी प्रभावित राज्यों व वहां के किसानों के हित में होगा। गहलोत के अनुसार प्रभावी नियंत्रण के बावजूद टिड्डियों के हमले से रबी में किसानों को एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पत्र में बताया है कि वर्ष 2019-20 में राजस्थान में 12 जिलों का करीब 6 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र टिड्डी से प्रभावित रहा।

किसानों को एक हजार करोड़ का हुआ नुकसान

भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से टिड्डी दलों को काफी प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया गया, फिर भी रबी की फसलों में किसानों को करीब एक हजार करोड़ रूपये का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया है कि वर्ष 2020-21 में भी राज्य में अब तक करीब तीन लाख 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण का कार्य किया गया है, लेकिन विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन के पूर्वानुमानों के मुताबिक इस वर्ष राज्य में टिड्डी का प्रकोप पहले की तुलना में काफी ज्यादा होने की आशंका है। ऐसे में केंद्र सरकार समय रहते उचित कदम उठाए। उन्होंने पत्र में कहा है कि टिड्डी प्रकोप एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। नए टिड्डी दलों की उत्पत्ति पर अंकुश लगाने के लिए उन्हें उनके उद्गम स्थलों पर ही रोकना आवश्यक है। इसके लिए केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय कर टिड्डी से प्रभावित सभी देशों से बातचीत करे, ताकि टिड्डी के प्रभावी नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।

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