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गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष को दी सलाह, महामारी के चलते राज्यों की खराब स्थिति को लेकर राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से मिलें

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस महामारी के चलते राज्यों की खराब वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इसे बड़ा मुद्दा बनाने का सुझाव दिया और कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्रियों के साथ राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से मिलें।

गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष को दी सलाह : कोरोना महामारी के चलते राज्यों की खराब स्थिति को लेकर राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से मिलें
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अशोक गहलोत सोनिया गांधी

जयपुर। पूरे देश में कोरोना ने तबाही मचाई हुई है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री कोरोना के बचाव के लिए निर्णायक कदम उठा रहे हैं बावजूद इसके कोरोना वायरस पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। पूरे देश को कोरोना ने अपनी चपेट में ले रखा है और रोजाना संक्रमण के मामले रिकॉर्ड पे रिकॉर्ड बना रहे हैं। इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस महामारी के चलते राज्यों की खराब वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इसे बड़ा मुद्दा बनाने का सुझाव दिया और कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्रियों के साथ राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री से मिलें। गहलोत ने सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान यह सुझाव दिए।

पहले भी प्रधानमंत्री वाजपेयी के पास गए थे सभी मुख्यमंत्री

गहलोत ने सोनिया गांधी से कहा कि पहले भी जब अकाल या सूखा पड़ा था तो आप हम सभी मुख्यमंत्रियों को लेकर प्रधानमंत्री वाजपेयी के पास गयी थीं, उसका बड़ा असर पड़ा था और काफी सहूलियत भी मिली थी। वक्त आ गया है, जितने भी मुख्यमंत्री हैं, हम सब आपके साथ चलें और या तो प्रधामंत्री से मिलकर अपनी बात कहें राष्ट्रपति से मिलें। गहलोत ने आगे कहा हमें इसे मुद्दा बनाना पड़ेगा। मुद्दा बनाये बगैर मैं समझता हूं, ये ध्यान देने वाले नहीं हैं। स्थिति बड़ी विकट है। जितना हम बोल रहे है, उससे ज्यादा विकट स्थिति है। गहलोत ने कहा कि मैं इतना कह सकता हूं कि आम जनता दुखी है। सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। दिन प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है महंगाई बढती जा रही है। खरीददारी की ताकत लोगों के पास नहीं है। गहलोत ने कहा कि स्थिति विकट देखकर हमें चिंता हो रही है कि आने वाले वक्त में अगर भारत सरकार ने समय रहते हुए कदम नहीं उठाये तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

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